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JSW MG मोटर इंडिया के सीईओ बोले, जरूरत के हिसाब से गाड़ियों पर लगे GST

GST On Vehicle Should Be Reduced: जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के सीईओ राजीव छावा ने कहा है कि सरकार को वाहनों पर जरूरत के हिसाब से जीएसटी लगाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत में यात्री वाहनों पर मौजूदा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दर संरचना काफी पुरानी हो चुकी है।

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भारत में यात्री वाहनों पर मौजूदा GST दर संरचना काफी पुरानी हो चुकी है।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • वाहनों पर जरूरत के हिसाब से लगे जीएसटी
  • बोले जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के CEO
  • GST दर संरचना काफी पुरानी हो चुकी - छाबा

GST On Vehicle Should Be Reduced: जेएसडब्ल्यू एमजी मोटर इंडिया के मानद मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) राजीव छाबा ने कहा है कि भारत में यात्री वाहनों पर मौजूदा माल एवं सेवा कर (जीएसटी) दर संरचना काफी पुरानी हो चुकी है। इसे मोटर वाहन उद्योग में हो रहे नए घटनाक्रमों के अनुरूप बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सरकार को मोटर वाहन क्षेत्र पर नीतियां बनाते समय वाहनों से होने वाले उत्सर्जन, आयात बिल में कमी, सतत स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला और स्वामित्व की कुल लागत के समग्र परिप्रेक्ष्य पर विचार करना चाहिए।

अब ये बीते दिन की बात हो गई

केंद्रीय बजट से पहले हाइब्रिड वाहनों को कर प्रोत्साहन दिए जाने पर विचार किए जाने की अटकलों के बीच उन्होंने कहा कि केवल मजबूत ‘प्लग-इन’ हाइब्रिड वाहन पर ही ऐसे लाभ के लिए विचार किया जाना चाहिए, जिनमें परंपरागत इंजन से स्वतंत्र बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन के रूप में चलने की क्षमता हो। छाबा ने कहा, ‘‘ पहले हमने कहा था कि कार का आकार चार मीटर से कम होगा। हमने कहा था कि 1.2 लीटर इंजन, 1.5 लीटर इंजन होगा और उसके आधार पर हमारे पास जीएसटी संरचना व्यापक थी। मुझे लगता है कि अब यह बीते दिन की बात हो गई है।’’

लागू है 28 प्रतिशत जीएसटी दर

वर्तमान में चार मीटर तक लंबे और 1200 सीसी पेट्रोल इंजन वाले हाइब्रिड पीवी या चार मीटर तक लंबे तथा 1,500 सीसी डीजल इंजन वाले हाइब्रिड यात्री वाहन (पीवी) पर बिना किसी उपकर के 28 प्रतिशत जीएसटी दर लागू है। वहीं चार मीटर से अधिक या 1,200 सीसी पेट्रोल इंजन वाले हाइब्रिड पीवी या 1,500 सीसी डीजल इंजन वाले हाइब्रिड पीवी पर 15 प्रतिशत उपकर के साथ 28 प्रतिशत जीएसटी दर लागू है। छाबा ने पूछा, ‘‘ क्या हम संपूर्ण नीति निर्माण में क्रांति ला सकते हैं? क्या हम देश और उपभोक्ता के लिए जो महत्वपूर्ण है, उससे शुरुआत कर सकते हैं?’’

इस आधार पर लगे जीएसटी

उन्होंने कहा, ‘‘ जीएसटी दरें देश के लिए महत्वपूर्ण चीजों पर आधारित होनी चाहिए जैसे कार की पर्यावरण अनुकूलता, आयात बिल को बचाने के लिए प्रयुक्त प्रौद्योगिकी की क्षमता, स्वतंत्र आपूर्ति श्रृंखला के साथ स्थानीयकरण तथा स्वामित्व की कम कुल लागत।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ तभी आप नीति बनाते हैं। उस नीति के आधार पर, यदि इलेक्ट्रिक वाहन सर्वश्रेष्ठ है, तो उसपर पांच प्रतिशत जीएसटी लगेगा।’’ उन्होंने कहा कि यदि सीएनजी (संपीड़ित प्राकृतिक गैस) अच्छी है, तो उसे पेट्रोल तथा डीजल पर कुछ वरीयता दी जाएगी। छाबा ने सुझाव दिया, ‘‘ पेट्रोल की तुलना में मजबूत हाइब्रिड को अधिक प्राथमिकता दी जाएगी और ईवी सर्वोत्तम होगा।’’

Anshuman. Sakalley
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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