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सरकार ने 5 साल के लिए आगे बढ़ाया पीएलआई स्कीम का फायदा, इन्हें मिलेगा फायदा

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Jan 2, 2024, 12:54 PM IST

भारत सरकार ने वाहन निर्माताओं को मिलने वाली पीएलआई स्कीम को 5 लाख यानी 2028 तक बढ़ा दिया है। सरकार 2024-25 में इस स्कीम के तहत करीब 26,000 करोड़ रुपये की राषि जारी करेगी।

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PLI में कुछ बदलाव भी देखने को मिले हैं।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • 5 साल और जारी रहेगी पीएलआई स्कीम
  • करीब 26,000 करोड़ रुपेय का लाभ होगा
  • 2024 के अंत तक मिलने लगेगी सहायता!

PLI Scheme: भारत सरकार ने भारतीय वाहन निर्माताओं के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई को 5 साल के लिए और बढ़ा दिया है। इस स्कीम का फायदा सीधे वाहन निर्माताओं को होगा जो अब तक कंपनियों के लिए बहुत कारगर साबित हुआ है। पीएलआई स्कीम के तहत पुराने लगभग सभी लाभ निर्माता कंपनियों को मिलते रहेंगे, हालांकि इसमें कुछ बदलाव भी देखने को मिले हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ईजीओएस की मंजूरी मिलने के बाद भारी उद्योग मंत्रालय ने वाहन और वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए चलाई जा रही पीएलआई योजना और इस योजना के दिशानिर्देशों में मामूली संशोधन किया है।’’

पांच वर्षों के लिए प्रोत्साहन

आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी इन संशोधनों का उद्देश्य योजना को स्पष्टता और लचीलापन देना है।’’ संशोधित योजना के तहत, वाहन उद्योग को वित्त वर्ष 2023-24 से लगातार पांच वित्त वर्षों के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रोत्साहन राशि का वितरण अगले वित्त वर्ष 2024-25 में किया जाएगा।

किसे होगा पीएलआई का लाभ

योजना के तहत एक अनुमोदित आवेदक लगातार पांच वित्त वर्षों के लिए लाभ का पात्र होगा। इसके साथ ही अगर कोई कंपनी निर्धारित बिक्री मूल्य में पिछले वर्ष की सीमा से अधिक वृद्धि नहीं कर पाती है तो उसे उस साल के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। इस प्रावधान का उद्देश्य सभी अनुमोदित कंपनियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना और अग्रिम निवेश करने वाली फर्मों की सुरक्षा करना है।

प्रोत्साहन राशि 25,938 करोड़!

मंत्रालय ने कहा, ‘‘संशोधन में प्रोत्साहन परिव्यय को दर्शाने वाली तालिका में बदलाव भी शामिल है जिसमें कुल सांकेतिक प्रोत्साहन राशि 25,938 करोड़ रुपये है।’’ बयान के मुताबिक, वाहन और वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए पीएलआई योजना और योजना के दिशानिर्देशों में इन संशोधनों से क्षेत्र को अधिक स्पष्टता और समर्थन मिलने, विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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