PLI Scheme: भारत सरकार ने भारतीय वाहन निर्माताओं के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव यानी पीएलआई को 5 साल के लिए और बढ़ा दिया है। इस स्कीम का फायदा सीधे वाहन निर्माताओं को होगा जो अब तक कंपनियों के लिए बहुत कारगर साबित हुआ है। पीएलआई स्कीम के तहत पुराने लगभग सभी लाभ निर्माता कंपनियों को मिलते रहेंगे, हालांकि इसमें कुछ बदलाव भी देखने को मिले हैं। मंत्रालय ने बयान में कहा, ‘‘ईजीओएस की मंजूरी मिलने के बाद भारी उद्योग मंत्रालय ने वाहन और वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए चलाई जा रही पीएलआई योजना और इस योजना के दिशानिर्देशों में मामूली संशोधन किया है।’’
पांच वर्षों के लिए प्रोत्साहन
आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘‘सरकारी राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी इन संशोधनों का उद्देश्य योजना को स्पष्टता और लचीलापन देना है।’’ संशोधित योजना के तहत, वाहन उद्योग को वित्त वर्ष 2023-24 से लगातार पांच वित्त वर्षों के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा। प्रोत्साहन राशि का वितरण अगले वित्त वर्ष 2024-25 में किया जाएगा।
किसे होगा पीएलआई का लाभ
योजना के तहत एक अनुमोदित आवेदक लगातार पांच वित्त वर्षों के लिए लाभ का पात्र होगा। इसके साथ ही अगर कोई कंपनी निर्धारित बिक्री मूल्य में पिछले वर्ष की सीमा से अधिक वृद्धि नहीं कर पाती है तो उसे उस साल के लिए कोई प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। इस प्रावधान का उद्देश्य सभी अनुमोदित कंपनियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना और अग्रिम निवेश करने वाली फर्मों की सुरक्षा करना है।
प्रोत्साहन राशि 25,938 करोड़!
मंत्रालय ने कहा, ‘‘संशोधन में प्रोत्साहन परिव्यय को दर्शाने वाली तालिका में बदलाव भी शामिल है जिसमें कुल सांकेतिक प्रोत्साहन राशि 25,938 करोड़ रुपये है।’’ बयान के मुताबिक, वाहन और वाहन कलपुर्जा उद्योग के लिए पीएलआई योजना और योजना के दिशानिर्देशों में इन संशोधनों से क्षेत्र को अधिक स्पष्टता और समर्थन मिलने, विकास और प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
