ऑटो न्यूज़

Fastag क्यों होता है ब्लैकलिस्ट, कहीं आप तो नहीं करते ये गलतियां

FASTag Blacklist Reason: FASTag ने सड़क पर यात्रा को काफी आसान बना दिया है, लेकिन इसका सही तरीके से इस्तेमाल न करने पर यह ब्लैकलिस्ट भी हो सकता है। FASTag ब्लैकलिस्ट होने का मतलब है कि आप टोल प्लाजा पर डिजिटल टोल पेमेंट नहीं कर पाएंगे। इसलिए यह जानना जरूरी है कि किन कारणों से FASTag ब्लैकलिस्ट होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

Image

Fastag क्यों होता है ब्लैकलिस्ट (Photo : iStock)

FASTag Blacklist Reason: टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने के लिए FASTag जरूरी हो गया है। लेकिन कई बार वाहन चालकों को इस बात की जानकारी अचानक मिलती है कि उनका FASTag ब्लैकलिस्ट हो गया है, जिसकी वजह से उन्हें टोल पर जुर्माने का भुगतान करना पड़ जाता है। FASTag के ब्लैकलिस्ट होने का कारण असल में कार चालक की ही कुछ गलतियां बनती हैं, जो उससे जाने-अनजाने हो जाती हैं। इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि FASTag किन कारणों से ब्लैकलिस्ट होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।

FASTag अकाउंट में बैलेंस खत्म होना

FASTag के ब्लैकलिस्ट होने का सबसे आम कारण FASTag अकाउंट में बैलेंस का खत्म होना है। अगर आपके FASTag वॉलेट में पर्याप्त बैलेंस नहीं है और आप लगातार टोल पार करते हैं तो सिस्टम आपके FASTag को ब्लैकलिस्ट कर सकता है।

KYC पूरा न करना

दूसरी बड़ी गलती KYC पूरा न करना है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के नियमों के अनुसार FASTag अकाउंट का KYC अपडेट होना जरूरी है। अधूरा या एक्सपायर्ड KYC होने पर FASTag ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है।

एक से ज्यादा FASTag

कई बार एक ही वाहन पर एक से ज्यादा FASTag होना भी ब्लैकलिस्ट का कारण बनता है। कई लोग नया FASTag लेते समय पुराने टैग को बंद नहीं करवाते, जिससे सिस्टम में गड़बड़ी होती है।

गलत वाहन श्रेणी

कई बार गलत वाहन श्रेणी (Vehicle Class Mismatch) के कारण भी FASTag ब्लैकलिस्ट हो जाता है। उदाहरण के लिए कार के लिए जारी FASTag का इस्तेमाल कमर्शियल वाहन में करना। अगर कार चालक इस तरह की गलती करता है तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाता है और लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी (Law Enforcement Agency) FASTag को ब्लैकलिस्ट कर सकती है।

इसके अलावा, FASTag का गलत इस्तेमाल या छेड़छाड़ जैसे टैग को निकालकर दूसरे वाहन में लगाना, नियमों का उल्लंघन माना जाता है। कुछ मामलों में बैंक या सर्विस प्रोवाइडर की तकनीकी समस्या के कारण भी FASTag अस्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट हो सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

और पढ़ें
End of Article