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'आग का गोला' बन जाए गाड़ी! इस तपती गर्मी में याद से जरूर कर लें ये काम

गर्मियों में 45 डिग्री के पार पहुंचता तापमान आपकी खड़ी कार को 'आग का गोला' बना सकता है। टायर फटने, इंजन ओवरहीटिंग और कार में आग लगने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं से बचने के लिए इस तपती गर्मी में तुरंत अपनाएं ये 5 जरूरी कार केयर टिप्स।

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मई और जून के महीनों में सूरज की तपिश अपने चरम पर होती है। जब पारा 45 डिग्री के आसपास मंडरा रहा हो, तो कार का रखरखाव करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सूरज की सीधी रोशनी में खड़ी कार के अंदर की हवा बाहर की तुलना में दोगुनी तेजी से गर्म होती है, जिससे डैशबोर्ड, प्लास्टिक पार्ट्स और सीटों को भारी नुकसान पहुंच सकता है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अत्यधिक तापमान के कारण कार के इंजन और इलेक्ट्रिकल वायरिंग पर भारी दबाव पड़ता है, जिससे शॉर्ट सर्किट और आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है। अपनी गाड़ी को इस भीषण संकट से बचाने और सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आपको कुछ बेहद जरूरी बातों का खास ख्याल रखना होगा।

गर्मियों में ऐसे बचाएं अपनी कार

1. कूलेंट लेवल को कभी कम न होने दें

कार के इंजन को ठंडा रखने का मुख्य काम कूलेंट (Coolant) का होता है। गर्मियों में कार का इंजन बहुत जल्दी गर्म हो जाता है, इसलिए हफ्ते में कम से कम एक बार बोनट खोलकर कूलेंट के स्तर की जांच जरूर करें। यदि कूलेंट का लेवल कम है, तो उसमें तुरंत सही अनुपात में पानी और कूलेंट मिक्स करके डालें। कभी भी गर्म इंजन में तुरंत पानी डालने की गलती न करें, इससे इंजन ब्लॉक क्रैक हो सकता है।

2. टायर प्रेशर पर रखें पैनी नजर

विज्ञान का नियम है कि गर्मी पाकर हवा फैलती है। जब कार तेज धूप में कोलतार (डामर) की गर्म सड़कों पर चलती है, तो टायरों के अंदर की हवा का दबाव (Air Pressure) अपने आप बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। अगर टायर में पहले से ही जरूरत से ज्यादा हवा होगी, तो हाईवे पर तेज रफ्तार में टायर फटने (Tyre Burst) का डर रहता है। इसलिए गर्मियों में टायरों में कंपनी द्वारा बताए गए मानक से 2-3 पाउंड (PSI) हवा कम ही रखें। अगर संभव हो, तो सामान्य हवा की जगह नाइट्रोजन गैस का इस्तेमाल करें, क्योंकि यह टायरों को ठंडा रखती है।

3. कार में भूलकर भी न छोड़ें ये सामान

कड़ी धूप में पार्क की गई कार के भीतर का तापमान चंद मिनटों में 60 डिग्री तक पहुंच सकता है। ऐसे में कार के अंदर रखे लाइटर, डियोड्रेंट स्प्रे की बोतल, सैनिटाइजर, पावर बैंक और स्मार्टफोन जैसी चीजें टाइम बम की तरह काम कर सकती हैं। अत्यधिक गर्मी के कारण इन चीजों में ब्लास्ट हो सकता है, जिससे पूरी कार में आग लग सकती है। इसके अलावा, कार में प्लास्टिक की पानी की बोतलें भी न छोड़ें, क्योंकि गर्म प्लास्टिक से पानी में हानिकारक केमिकल घुल जाते हैं।

4. केबिन को ठंडा करने का सही तरीका अपनाएं

जब आप धूप में खड़ी कार में बैठते हैं, तो तुरंत एसी (AC) को फुल स्पीड पर न चलाएं। ऐसा करने से एसी कंप्रेसर पर अचानक बहुत ज्यादा लोड पड़ता है। सही तरीका यह है कि कार में बैठने से पहले सभी दरवाजे खोल दें या खिड़कियों के शीशे नीचे कर दें, ताकि अंदर फंसी गर्म हवा बाहर निकल सके। इसके बाद गाड़ी को थोड़ी दूर बिना एसी के चलाएं और फिर धीरे-धीरे एसी ऑन करें।

5. बैटरी और इंजन ऑयल की जांच

गर्मी का मौसम कार की बैटरी की लाइफ को भी तेजी से कम करता है। अत्यधिक तापमान के कारण बैटरी के अंदर का लिक्विड जल्दी इवेपोरेट (भाप बनना) होने लगता है। इसलिए बैटरी के टर्मिनल्स की सफाई और पानी के स्तर को चेक करते रहें। इसके साथ ही, इंजन ऑयल की चिपचिपाहट (Viscosity) की भी जांच करें, क्योंकि पुराना और पतला हो चुका इंजन ऑयल गर्मी में इंजन को ठीक से लुब्रिकेट नहीं कर पाता, जिससे इंजन सीज होने का खतरा रहता है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठी author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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