राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। हाल ही में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रॉन्ग साइड ड्राइविंग के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया, जिसमें सिर्फ एक हफ्ते के भीतर 7,249 चालान काटे गए और 72 FIR दर्ज की गईं। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। दरअसल, रॉन्ग साइड ड्राइविंग दिल्ली समेत कई बड़े शहरों में गंभीर समस्या बन चुकी है। लोग कुछ मिनट बचाने या यू-टर्न से बचने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाने लगते हैं, लेकिन यह छोटी सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। ऐसे में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूक होना बेहद जरूरी हो गया है। अगर आप सड़क पर अपनी गाड़ी लेकर निकल रहे हैं तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखने की सलाह दी जाती है-
सड़क सुरक्षा को लेकर इन बातों का रखें ध्यान
गाड़ी रॉन्ग साइड न चलाएं
सड़क पर गाड़ी लेकर उतरे हैं तो इस बात का खास ध्यान दें कि गाड़ी रॉन्ग साइड न चलाएं। अक्सर वाहन चालक खाली सड़क देखकर गाड़ी को रॉन्ग साइड ले आते हैं, जो कि बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। गाड़ी रॉन्ग साइड चलाते हैं तो खासकर रात के समय सामने से आने वाले वाहन को प्रतिक्रिया देने का समय कम मिलता है।
ट्रैफिक संकेतों और लेन नियमों का पालन करें
वाहन चलाते समय हमेशा ट्रैफिक संकेतों और लेन नियमों का पालन करना चाहिए। कई लोग जल्दी निकलने के चक्कर में अचानक लेन बदल देते हैं या गलत कट मारते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। सड़क पर धैर्य रखना भी उतना ही जरूरी है जितना वाहन चलाना।
हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करें
दोपहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट और कार चालकों के लिए सीट बेल्ट बेहद जरूरी है। छोटी दूरी हो या लंबा सफर, सुरक्षा उपकरणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शराब पीकर गाड़ी चलाना और मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना भी सड़क हादसों की बड़ी वजह माना जाता है।
ओवरस्पीड से बचें
वाहन की स्पीड हमेशा तय सीमा के अंदर रखनी चाहिए। तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने से दुर्घटना होने पर नुकसान कई गुना बढ़ जाता है। बारिश, धुंध या भारी ट्रैफिक के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होता है।
इस बात को समझें कि सड़क सुरक्षा केवल पुलिस या सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। हर वाहन चालक की जिम्मेदारी है कि वह नियमों का पालन करे और दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखे। कुछ मिनट बचाने की जल्दबाजी किसी की जान पर भारी पड़ सकती है। इसलिए सुरक्षित ड्राइविंग ही सबसे समझदारी भरा विकल्प है।
