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PM Kisan 18th installment: आने वाली है पीएम किसान की अगली किस्त, कर लें ये तैयारी

PM Kisan 18th installment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम की 18वीं किस्त 5 अक्तूबर 2024 को जारी होने वाली है। इस स्कीम के तहत पात्र किसानों को 2,000 रुपये की तीन किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये मिलते हैं। यहां जानिए पात्रता, ईकेवाईसी प्रक्रिया और डीबीटी कैसे करें चेक।

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पीएम किसान की 18वीं किस्त जल्द

Photo : BCCL

PM Kisan 18th installment: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अक्तूबर 2024 को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम की 18वीं किस्त जारी करने वाले हैं। मोदी सरकार द्वारा 2018 में शुरू की गई इस स्कीम का उद्देश्य पूरे भारत में छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस स्कीम के तहत पात्र किसानों को 2,000 रुपये की तीन किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपये मिलते हैं। ये भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सिस्टम के जरिये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाते हैं। पीएम-किसान स्कीम की 17वीं किस्त इस साल की शुरुआत में जून 2024 में जारी की गई थी, जिसमें सरकार ने 9.3 करोड़ किसानों को करीब 20,000 करोड़ रुपए अकाउंट में भेज थे। नवरात्र के बीच 18वीं किस्त 5 अक्टूबर को जारी होने वाली है। इससे पहले आप सभी जरूरी का कर लें ताकि आपका पैसा नहीं अटके।

पीएम-किसान योजना के लिए पात्रता मानदंड

पीएम-किसान योजना खास तौर पर छोटे और सीमांत किसान परिवारों को लक्षित करती है, जिनके पास खेती योग्य भूमि है। इस योजना के लिए पात्र होने के लिए, परिवार के पास अपने नाम पर 2 हेक्टेयर तक की भूमि होनी चाहिए। इससे यह सुनिश्चित होता है कि जिन लोगों को वित्तीय सहायता की सबसे अधिक आवश्यकता है, वे प्राइमरी लाभार्थी हैं। यह स्कीम कृषि गतिविधियों का सपोर्ट करने और इन किसान परिवारों की घरेलू जरुरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस पहल के एक हिस्से के रूप में प्रत्येक पात्र किसान को हर चार महीने में 2,000 रुपए मिलते हैं, जिससे खेती से संबंधित खर्चों और घरेलू जरुरतों को पूरा करने में लगातार वित्तीय सहायता मिलती है।

पीएम-किसान के लिए eKYC क्यों जरूरी

पीएम-किसान स्कीम के तहत किसानों को उनके भुगतान प्राप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम अनिवार्य इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर (eKYC) प्रक्रिया को पूरा करना है। यह कदम सुनिश्चित करता है कि धनराशि सीधे बिचौलियों के बिना सही आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर हो जाती है। पीएम किसान वेबसाइट के मुताबिक पीएम-किसान रजिस्टर्ड किसानों के लिए eKYC अनिवार्य है। ओटीपी-आधारित eKYC पीएम किसान पोर्टल पर उपलब्ध है या बायोमेट्रिक-आधारित eKYC के लिए निकटतम CSC सेंटर्स से संपर्क किया जा सकता है।

पीएम-किसान के लिए कैसे करें eKYC

  • ओटीपी-आधारित eKYC: यह सबसे सरल विकल्प है और इसे पीएम-किसान वेबसाइट के जरिये किया जा सकता है। किसानों को अपना आधार नंबर और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद उनके मोबाइल पर वन-टाइम पासवर्ड (OTP) भेजा जाएगा। ओटीपी दर्ज करने से eKYC प्रक्रिया पूरी हो जाती है।
  • बायोमेट्रिक-आधारित eKYC: जो किसान ओटीपी-आधारित प्रक्रिया को पूरा करने में असमर्थ हैं, वे बायोमेट्रिक-आधारित प्रमाणीकरण को पूरा करने के लिए अपने नज़दीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या राज्य सेवा केंद्र पर जा सकते हैं। ऑपरेटर वेरिफिकेशन के लिए किसान के फिंगरप्रिंट या आईरिस को स्कैन करेगा।
  • चेहरा प्रमाणीकरण-आधारित eKYC: यह पीएम-किसान मोबाइल ऐप के जरिये से उपलब्ध है, जहां किसान चेहरे की पहचान का उपयोग करके अपनी पहचान प्रमाणित कर सकते हैं।

किसान कैसे चेक कर सकते हैं पैसा आया या नहीं

  • पीएम-किसान योजना के तहत लिस्डेट किसान आसानी से अपनी लाभार्थी स्थिति ऑनलाइन जांच सकते हैं।
  • आधिकारिक पीएम-किसान वेबसाइट पर जाएं और "Beneficiary Status" पेज पर जाएं।
  • अपना आधार नंबर या खाता संख्या दर्ज करें।
  • अपनी लाभार्थी स्थिति देखने और भुगतान डिटेल वेरिफाई करने के लिए "Get Data" बटन पर क्लिक करें।
  • जानकारी प्राप्त होने के बाद सिस्टम अनुरोध को प्रोसेस्ड करता है और योजना के तहत किए गए भुगतान की स्थिति सहित लाभार्थी के रूप में किसान की स्थिति प्रदर्शित करता है। यह सीधी प्रक्रिया किसानों को यह ट्रैक करने की अनुमति देती है कि उनकी किस्तें उनके खातों में कब जमा की जाती हैं।
2,000 रुपए की 18वीं किस्त की समय पर प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए ये कदम पूरे किए जाने चाहिए। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम की शुरुआत किसान परिवारों को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करके कृषि क्षेत्र को समर्थन देने के लिए की गई थी। सालाना 6,000 रुपये की वित्तीय सहायता का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों पर वित्तीय बोझ को कम करना है, जिससे वे खेती और उससे जुड़ी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर सकें। इस योजना का उद्देश्य उनकी कृषि संबंधी जरूरतों को पूरा करने और उनके परिवारों को सहायता प्रदान करना है।
Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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