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भारत में काजू का उत्पादन कितना, टॉप 10 राज्यों में 'राजा' कौन ?

Cashew Production in India: भारत काजू उत्पादन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसका उत्पादन भारत के कई राज्यों में होता है। लेकिन एक राज्य देश का सबसे बड़ा काजू उत्पादक (Sabse Bada kaju utpadak rajya) है यानी इसका दबदबा है। आइए जानते हैं टॉप 10 राज्यों में कहां कितना काजू का उत्पादन (Kaju ka utpadan) होता है कौन नंबर वन है। देश भर में प्रति वर्ष कितना उत्पादन होता है।

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भारत में काजू का उत्पादन (तस्वीर-Canva/istock)

Cashew Production in India: बड़े चाव से ड्राई फ्रूट काजू खरीदते हैं, खाते हैं। क्या आपको पता है? देश में कितना और कौन सा राज्य सबसे अधिक काजू का उत्पादन करता है। अगर नहीं जानते हैं तो यहां विस्तार से जानिए। भारत में काजू उत्पादन ने 2023-24 के सत्र में महत्वपूर्ण आंकड़े दर्ज किए हैं। राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) और कृषि मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक देश में कुल काजू उत्पादन करीब 773 हजार मीट्रिक टन रहा, जिसमें महाराष्ट्र सबसे आगे है। महाराष्ट्र ने 197.30 हजार टन काजू का उत्पादन किया, जो देश के कुल उत्पादन का करीब 24.82% हिस्सा है। यह आंकड़ा महाराष्ट्र को भारत का प्रमुख काजू उत्पादक राज्य बनाता है।

आंध्र प्रदेश ने इस लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल किया है, जहां 133.80 हजार टन काजू का उत्पादन हुआ, जो कुल उत्पादन का 16.83% है। तीसरे स्थान पर ओडिशा है, जिसका उत्पादन 126.13 हजार टन रहा और यह कुल उत्पादन का 15.87% हिस्सा बनाता है। ये तीन राज्य मिलकर देश के कुल उत्पादन का करीब 57.5% हिस्सा रखते हैं, जो काजू उत्पादन में उनकी अहम भूमिका को दर्शाता है।

तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल जैसे दक्षिण भारतीय राज्य भी काजू उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। तमिलनाडु ने 87.07 हजार टन (10.95%), कर्नाटक ने 79.85 हजार टन (10.05%) और केरल ने 76.38 हजार टन (9.61%) काजू का उत्पादन किया। ये तीनों राज्य मिलकर कुल उत्पादन का करीब 30.61% हिस्सा हैं।

इसके अतिरिक्त गोवा ने 26.07 हजार टन (3.28%), छत्तीसगढ़ 22.75 हजार टन (2.86%), पश्चिम बंगाल 13.28 हजार टन (1.67%) और मेघालय 10.38 हजार टन (1.31%) का उत्पादन किया। ये राज्य देश के काजू उत्पादन में योगदान करते हुए उत्पादन को विविधता प्रदान करते हैं।

भारत के काजू उत्पादक राज्य

भारत के काजू उत्पादक राज्य (वर्ष 2023-24)उत्पादन हजार मीट्रिक टन मेंउत्पादन प्रतिशत में
महाराष्ट्र 197.3024.82%
आंध्र प्रदेश 133.8016.83%
ओडिशा 126.1315.87%
तमिलनाडु 87.0710.95%
कर्नाटक 79.8510.05%
केरल76.389.61%
गोवा 26.073.28%
छत्तीसगढ़ 22.752.86%
पश्चिम बंगाल 13.281.67%
मेघालय 10.381.31%
काजू की खेती भारत में विशेष महत्व रखती है क्योंकि यह किसानों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, खासकर उन इलाकों में जहां खेती के लिए सीमित विकल्प उपलब्ध हैं। महाराष्ट्र में काजू की खेती बड़े पैमाने पर होती है, जो न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करती है बल्कि देश के काजू निर्यात को भी बढ़ावा देती है।

राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के आंकड़ों के मुताबिक काजू उत्पादन में यह स्थिर वृद्धि देश के कृषि विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। उत्पादन के साथ-साथ किसानों को बेहतर बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि तकनीकें प्रदान करने की आवश्यकता है, ताकि उत्पादन में और सुधार हो सके।

सरकार द्वारा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे भारत वैश्विक काजू बाजार में अपनी स्थिति और मजबूत कर सके। महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा जैसे राज्यों में बेहतर प्रोसेसिंग इकाइयों और बाजारों का विकास किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगा।

कुल मिलाकर, भारत का काजू उत्पादन 2023-24 में 773 हजार टन के करीब पहुंचकर एक सकारात्मक संकेत देता है कि देश कृषि के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में मजबूत स्थिति बनाए हुए है। भविष्य में तकनीकी सुधार और बेहतर कृषि नीतियों के जरिए यह उत्पादन और अधिक बढ़ सकता है, जिससे देश के किसानों और आर्थिक विकास को लाभ मिलेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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