कृषि

अपने खेत के लिए सही आम की किस्म कैसे चुनें, किन चीजों पर ध्यान देना जरूरी

Mango Farming: आम की खेती शुरू करने से पहले अपने क्षेत्र की जलवायु को समझना बहुत जरूरी है। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों जैसे पश्चिम बंगाल और केरल में लंगड़ा व हिमसागर अच्छी तरह उगते हैं, जबकि शुष्क राज्यों गुजरात और राजस्थान में केसर और नीलम बेहतर हैं। तटीय और बारिश वाले कोकण इलाके में अल्फांसो फलता है, लेकिन फूलों की सुरक्षा जरूरी है।

Image

आम की खेती में किस्म का सही चयन है सबसे जरूरी (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Mango Farming : आम की खेती शुरू करने से पहले सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम है अपने क्षेत्र की जलवायु को समझना। हर किस्म हर जगह अच्छा उत्पादन नहीं देती। जिन क्षेत्रों में अधिक वर्षा होती है, जैसे पश्चिम बंगाल और केरल, वहां लंगड़ा और हिमसागर जैसी किस्में अच्छी तरह फलती-फूलती हैं। वहीं शुष्क और कम वर्षा वाले राज्यों जैसे गुजरा और राजस्थान में केसर और नीलम आम की खेती बेहतर मानी जाती है। तटीय और अधिक बारिश वाले क्षेत्रों, खासकर कोकण इलाके में अल्फांसो आम की पैदावार बहुत अच्छी होती है, लेकिन वहां किसानों को फूल आने के समय विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है ताकि बारिश से नुकसान न हो।

बाजार के अनुसार करें किस्म का चुनाव

किसानों को आम की किस्म चुनते समय अपने लक्ष्य बाजार को भी ध्यान में रखना चाहिए। अगर आप आम को विदेशों में निर्यात करना चाहते हैं तो अल्फांसो और केसर किस्म सबसे ज्यादा मुनाफा दे सकती हैं। इनकी मांग अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी अधिक रहती है। वहीं घरेलू बाजार के लिए दशहरी, लंगड़ा और बांगनपल्ली जैसी किस्में उपयुक्त मानी जाती हैं क्योंकि इनका स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है और इनकी मांग स्थिर रहती है। यदि किसान फूड प्रोसेसिंग उद्योग को आम सप्लाई करना चाहते हैं, जैसे पल्प या जूस बनाने वाली कंपनियां, तो तोतापुरी और केसर किस्म सबसे बेहतर विकल्प हैं क्योंकि इनसे गूदा अधिक मात्रा में निकलता है।

खेती की पद्धति भी है अहम

आम की खेती में अपनाई जाने वाली पद्धति भी किस्म चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। छोटे किसान जो कम जमीन में अधिक पौधे लगाकर हाई-डेंसिटी प्लांटिंग करना चाहते हैं, उनके लिए अमरपाली किस्म बहुत उपयुक्त है। यह कम जगह में भी अच्छी पैदावार देती है। दूसरी ओर, अल्फांसो और बांगनपल्ली जैसी किस्में बड़े और पारंपरिक बागानों के लिए ज्यादा बेहतर मानी जाती हैं। अगर कोई किसान कम देखभाल वाली किस्म चाहता है, तो नीलम एक अच्छा विकल्प है। यह किस्म सूखा सहन कर सकती है और हर साल नियमित रूप से फल देती है।

आम की खेती: कमाई का बड़ा अवसर

भारत दुनिया में आम का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। यहां की जलवायु और मिट्टी आम की खेती के लिए अनुकूल है। सही किस्म का चयन, समय पर सिंचाई, संतुलित खाद प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण और अच्छी मार्केटिंग व्यवस्था के जरिए किसान अपनी आमदनी में बड़ा इजाफा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सही प्रबंधन के साथ किसान प्रति एकड़ सालाना 10 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं।

पीढ़ियों तक दे सकती है स्थायी आय

आम का बाग एक लंबी अवधि का निवेश होता है। एक बार पौधे लगाने के बाद यह कई वर्षों तक फल देता है। अगर शुरुआत में सही योजना और किस्म का चयन किया जाए तो यह बाग आने वाली पीढ़ियों के लिए भी आय का स्थायी स्रोत बन सकता है। बदलते समय में जब किसान पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं, ऐसे में आम की उन्नत खेती उनके लिए बेहतर भविष्य का रास्ता खोल सकती है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article