Bundelkhand Expressway: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 12, 2022, 01:08 PM IST

Bundelkhand Expressway: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे 28 महीने में बनकर तैयार हो गया है। 296 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण पीएम नरेंद्र मोदी 16 जुलाई को करेंगे। बुंदेलखंड के 7 जिलों को जोड़ने वाले इस एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली की दूरी तो कम होगी, साथ ही वाहनों की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।

Bundelkhand Expressway: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे, पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण
Photo Credit: Twitter

Bundelkhand Expressway: बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का 16 जुलाई को प्रधानमंत्री लोकार्पण करेंगे, उसकी तैयारियों का जायजा लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कैथेरी स्थित एक्सप्रेस-वे के टोल प्लाजा पहुंचे। यहां पर उन्होने प्रधानमंत्री के सभा स्थल, एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक करके तैयारियों की समीक्षा की। सीएम योगी ने कहा कि एक्सप्रेस-वे बुंदेलखंड के विकास की धुरी बनेगा। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के कार्यक्रम को भव्य और दिव्य बनाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है। सीएम योगी ने कहा कि बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण के लिए बुंदेलखंडवासियों में खुशी की लहर है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का 29 फरवरी 2020 को पीएम मोदी ने ही शिलान्‍यास किया था।

चित्रकूट से इटावा तक जाने वाले 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्‍सप्रेस-वे के शुरू होने से बुंदेलखंड के लोगों के लिए दिल्‍ली और लखनऊ का सफर बेहद आसन हो जाएगा। बुंदेलखंड एक्‍सप्रेस-वे चित्रकूट से बांदा, महोबा, जालौन, औरैया होते  हुए इटावा में आगरा-लखनऊ एक्‍सप्रेस-वे से जुड़ेगा, एक्सप्रेस-वे 28 महीने में बनकर तैयार हो चुका है। इसको बनाने के लिए 36 महीनों का लक्ष्य तय किया गया था। आपको बता दें कि चार लेन में बने बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे को आगे चलकर छह लेन तक बढ़ाने की भी योजना है।

7 घंटे में पूरा होगा चित्रकूट से दिल्‍ली का सफर 

अभी तक लोगों को चित्रकूट से कानपुर और फिर इटावा, आगरा के रास्ते दिल्ली जाना पड़ता था। इस सफर में चित्रकूट से दिल्ली पहुंचने में लगभग 12 से 14 घंटे का समय लगता था और सफर की दूरी करीब 700 किलोमीटर तय करनी पड़ती थी। अब बुंदेलखंड एक्सप्रेस- वे बनने के बाद ये दूरी सिर्फ 626 किलोमीटर रह जाएगी। 

आठ नदियों से होकर जाता है एक्सप्रेस-वे

इस बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 7766 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। जिसकी लंम्बाई 296.07 किमी है। इस एक्सप्रेस-वे में कुल 4 रेलवे ओवर ब्रिज, 14 लंबे पुल, 6 टोल प्लाजा, 7 रैम्प प्लाजा, 266 छोटे पुल, 18 फ्लाई ओवर का निर्माण किया गया है। बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का निर्माण आठ नदियों बागेन, केन, श्यामा, चन्दावल, बिरमा, यमुना, बेतवा और सेंगर नदियों के ऊपर हुआ है। 

पड़ोसी राज्यो  के लोगों को भी आवागमन में लाभ

भगवान राम से जुड़े चित्रकूट तक पहुंचना अब और आसान होगा, जिससे पर्यटकों को आसानी होगी। एक्सप्रेस-वे बनने से न केवल पर्यटन बल्कि उद्योग क्षेत्र को भी लाभ होगा। साथ ही बुंदेलखंड के लोगों को आवागमन के लिए भी इस एक्सप्रेस-वे से फायदा होगा, क्योंकि यह एक्सप्रेस-वे चित्रकूट तक जाता है इसलिए यह पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश के लोगों के लिए भी लाभप्रद साबित होगा। 

बुंदेलखंड क्षेत्र के सर्वांगीण विकास मे होगा मददगार

यह नया एक्सप्रेस-वे सामाजिक और आर्थिक विकास के अलावा कृषि, पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में आय बढ़ाने के साथ-साथ बुंदेलखंड क्षेत्र के सर्वांगीण विकास में मददगार साबित होगा। यह दिल्ली-एनसीआर के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के रूप में भी काम करेगा। वहीं बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे के पास झांसी और चित्रकूट में डिफेंस कॉरिडोर की दो इकाइयां बनाई जाएंगी।

End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!