युद्ध और शांति वार्ता के बीच जेलेंस्की का बड़ा दांव, खुफिया प्रमुख को बनाया नया चीफ ऑफ स्टाफ
- Edited by: Nishant Tiwari
- Updated Jan 3, 2026, 07:50 AM IST
यूक्रेन युद्ध के बीच राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने बड़ा प्रशासनिक और रणनीतिक कदम उठाया है। देश की सुरक्षा, रक्षा तैयारी और शांति वार्ता को और मजबूती देने के उद्देश्य से जेलेंस्की ने सैन्य खुफिया प्रमुख जनरल किरिलो बुडानोव को अपना नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब अमेरिका की अगुवाई में रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयास तेज हो रहे हैं और यूक्रेन की अंदरूनी सियासत और सुरक्षा व्यवस्था में अहम बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
किरिलो बुडानोव बने नए चीफ ऑफ स्टाफ (फाइल फोटो | Reuters)
रूस-यूक्रेन युद्ध के लगभग चार साल पूरे होने के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपनी टीम में बड़ा बदलाव करते हुए सैन्य खुफिया एजेंसी के प्रमुख जनरल किरिलो बुडानोव को नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब अमेरिका की अगुवाई में युद्ध खत्म करने को लेकर कूटनीतिक प्रयास तेज हो रहे हैं और यूक्रेन सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और शांति वार्ता पर एक साथ फोकस कर रहा है।
सुरक्षा और कूटनीति पर जोर
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा हालात में राष्ट्रपति कार्यालय की भूमिका बेहद अहम हो गई है, क्योंकि यहीं से सुरक्षा नीति, रक्षा ढांचे का विकास और अंतरराष्ट्रीय बातचीत का समन्वय होता है। उन्होंने बुडानोव को इन क्षेत्रों का अनुभवी चेहरा बताते हुए कहा कि उनसे ठोस नतीजों की उम्मीद है। 39 वर्षीय बुडानोव यूक्रेन के सबसे चर्चित युद्धकालीन अधिकारियों में गिने जाते हैं। वह 2020 से सैन्य खुफिया एजेंसी जीयूआर का नेतृत्व कर रहे थे और रूस के खिलाफ कई अहम अभियानों से उनका नाम जुड़ा रहा है।
खुफिया प्रमुख से सत्ता के केंद्र तक
बुडानोव का राष्ट्रपति कार्यालय का प्रमुख बनना यूक्रेन की राजनीति में एक असामान्य कदम माना जा रहा है। अब तक वह रणनीतिक संकेतों और मनोवैज्ञानिक दबाव के जरिए मॉस्को पर लगातार बयानबाजी करते रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी नियुक्ति से अमेरिका और यूरोपीय देशों के साथ चल रही शांति वार्ताओं में यूक्रेन को मजबूत आवाज मिल सकती है। इस बीच, बुडानोव की जगह विदेशी खुफिया सेवा के प्रमुख ओलेह इवाशचेंको को नया इंटेलिजेंस चीफ बनाया गया है।
रक्षा मंत्रालय में भी बदलाव
जेलेंस्की ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्री मिखाइलो फेदोरोव को नया रक्षा मंत्री नामित करने का प्रस्ताव रखा है। ड्रोन तकनीक और ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में फेदोरोव को यूक्रेन की बड़ी उपलब्धियों का श्रेय दिया जाता है। मौजूदा रक्षा मंत्री डेनिस श्मिहाल को सरकार में दूसरी जिम्मेदारी दी जाएगी।
जंग के बीच कूटनीतिक कोशिशें
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ हुई बातचीत को वॉशिंगटन ने सकारात्मक बताया है। हालांकि रूस की ओर से हालिया ड्रोन हमलों और जवाबी आरोपों ने वार्ता प्रक्रिया को जटिल बना दिया है। जेलेंस्की का कहना है कि शांति समझौता लगभग तैयार है, लेकिन बचे हुए अहम मुद्दे यूरोप और यूक्रेन के भविष्य का फैसला करेंगे। वहीं, कूटनीति के समानांतर जमीनी हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। रूस और यूक्रेन दोनों ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों के दावे किए जा रहे हैं। यूक्रेन ने नागरिक इलाकों को निशाना बनाने के आरोपों को खारिज करते हुए अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने की बात दोहराई है।