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इजराइल को मिला नया ‘स्पाई मास्टर’: कौन हैं रोमन गोफमैन? जिनपर नेतन्याहू ने लगाया दांव, कितना है खुफिया अनुभव

इजराइली पीएम नेतन्याहू ने मेजर जनरल रोमन गोफमैन को अगला मोसाद प्रमुख नामित किया है। वह डेविड बर्नेया की जगह लेंगे। ऐसे माहौल में जब देश सुरक्षा मोर्चे पर कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा है।ऐसे माहौल में सैन्य पृष्ठभूमि वाले रोमन गोफमैन का मोसाद के शीर्ष पद पर नियुक्त किया जाना बेहद असामान्य माना जा रहा है।

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नए मोसाद चीफ के लिए रोमन गोफमैन का हुआ एलान। फोटो- X/@netanyahu

पूरी दुनिया में अपने खुफिया ऑपरेशन के लिए कुख्यात मोसाद को उसका नया 'स्पाई मास्टर' मिलने वाला है। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को बड़ा और चौंकाने वाला एलान करते हुए अपने सैन्य सचिव मेजर जनरल रोमन गोफमैन को अगला मोसाद चीफ नियुक्त किया। गोफमैन डेविड बर्नेया की जगह लेंगे। उनका कार्यकाल जून 2026 में खत्म हो रहा है। इस तारीख के बाद ही गोफमैन की नियुक्ति प्रभावी हो जाएगी। यह नियुक्ति इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि गोफमैन का बैकग्राउंड सैन्य पेशे का है। उनका जासूसी अनुभव न के बराबर है।

कौन हैं रोमन गोफमैन?

मोसाद के नए खुफिया चीफ चुने गए रोमन गोफमैन का जन्म बेलारूस में 1976 में हुआ था। उनका शुरुआती लालन-पालन वहीं हुआ फिर 14 साल की उम्र में गोफमैन अपने परिवार के साथ इजराइल आ गए। यहां 1995 में उन्होंने सेना का रुख किया और आर्म्ड कोर में शामिल हो गए। यहीं से उनके सैन्य जीवन की शुरुआत हुई। 14 साल की उम्र में दूसरे देश से इजराइल में आकर बसने वाले गोफमैन ने सोचा भी नहीं होगा कि वे एक दिन देश की खुफिया एजेंसी के शीर्ष पद तक पहुंच जाएंगे।

गोफमैन नहीं पहनते हैं यार्मुलके

गौरतलब है कि गोफमैन पारंपरिक यहूदी धार्मिक टोपी यार्मुलके नहीं पहनते है। बावजूद इसके यहूदी धर्म में उनकी गहरी आस्था है। समाचार एजेंसी एएफपी के मुताबिक, उन्होंने वेस्ट बैंक में स्थित एली येशिवा में पढ़ाई की है। यह संस्था दक्षिणपंथी धार्मिक जायोनी विचारधारा के लिए जानी जाती है।

2020 में सीरिया सीमा की मिली कमान

2020 में उन्हें 210वीं बाशान क्षेत्रीय डिवीजन का कमांडर बनाया गया। यह डिवीजन सीरिया से सटी सीमा पर तैनात बेहद अहम सैन्य इकाई है। यहीं वे विवादों में भी घिरे। उन्होंने एक अहम संवेदनशील जानकारी एक 17 साल के सोशल मीडिया इन्फुलएंसर ओरी एल्माकायेस को देने के लिए इजराइली अधिकारियों को अनुमति दी। उनके इस कदम की खूब आलोचना हुई।

रोमन गोफमैन। फोटो- IDF

रोमन गोफमैन। फोटो- IDF

सात अक्टूबर के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध में बुरी तरह घायल

बता दें कि सात अक्टूबर 2023 में जब हमास ने गाजा पर हमला किया था, उस समय गोफमैन राष्ट्रीय इन्फैंट्री ट्रेनिंग सेंटर का नेतृत्व कर रहे थे। इस हमले के पहले ही दिन दक्षिणी शहर स्देरोत में आतंकियों के साथ मुकाबले के दौरान वे गंभीर रूप से घायल हो गए।

2024 में बने प्रधानमंत्री कार्यालय का हिस्सा

इसके बाद अप्रैल 2024 में वे सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय का हिस्सा बन गए। वे प्रधानमंत्री नेतन्याहू के काफी करीबी माने जाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के सैन्य सचिव के रूप में भी काम किया है। वे इजराइली सेना और प्रधानमंत्री के बीच कमान से जुड़े निर्देशों की निगरानी भी करते रहे।

रोमन गोफमैन। फोटो-IDF

रोमन गोफमैन। फोटो-IDF

क्यों चर्चाओं में है मोसाद चीफ के तौर पर उनकी नियुक्ति?

इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू के कार्यालय का कहना है कि गोफमैन ने युद्ध के समय सैन्य सचिव के रूप में जिस तेजी और समर्पण से काम किया, उसने उनकी क्षमताओं को साबित किया है। वे बहुत प्रतिष्ठित अधिकारी हैं और मोसाद जैसे एजेंसी की बागडोर संभालने के लिए योग्य हैं। हालांकि कई आलोचकों ने इस नियुक्ति पर सवाल खड़े किए हैं। वे इस नियुक्ति को राजनीतिक नियुक्ति बताया है। ऐसे माहौल में जब देश सुरक्षा मोर्चे पर कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से गुजर रहा है।ऐसे माहौल में सैन्य पृष्ठभूमि वाले रोमन गोफमैन का मोसाद के शीर्ष पद पर नियुक्त किया जाना बेहद असामान्य माना जा रहा है।
शिव शुक्ला
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शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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