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कौन हैं 'बलूचिस्तान की शेरनी' Mahrang Baloch, जिसे पाकिस्तान ने सुनाई उम्रकैद की सजा; फैसले पर मचा बवाल

Mahrang Baloch Life Imprisonment: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने बलूच एक्टिविस्ट और ‘बलूच यकजेहती कमेटी’ (BYC) की प्रमुख नेता महरंग बलोच को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला 2024 में ग्वादर में आयोजित एक रैली के दौरान एक सुरक्षा अधिकारी की मौत से जुड़े मामले में दिया गया। इस मामले में संगठन के नेता सिबगतुल्लाह शाह समेत दो अन्य सहयोगियों को भी उम्रकैद हुई है।

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पाकिस्तान कोर्ट ने बलूच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद की सजा सुनाई। AI IMAGE

Mahrang Baloch Life Imprisonment: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी की एंटी-टेररिज्म कोर्ट ने बलूच एक्टिविस्ट महरंग बलोच को उम्रकैद की सजा सुनाई है। महरंग बलोच , बलूचिस्तान की शेरनी के नाम से मशहूर हैं। वो 'बलूच यकजेहती कमेटी' की वो प्रमुख नेता भी हैं। साल 2024 में ग्वादर में हुई एक रैली के दौरान एक सिक्योरिटी अफसर की मौत के मामले में महरंग और 'बलूच यकजेहती कमेटी' के नेता सिबगतुल्लाह शाह को सजा सुनाई गई है। फैसला सोमवार को एंटी-टेररिज्म कोर्ट क्वेटा-1 के जज मुहम्मद अली मोबिन ने सुनाया है। अदालत के इस फैसले का बलूचिस्तान में काफी विरोध हो रहा है।

अदालत के फैसले के खिलाफ लोग सड़कों पर उतर आए हैं। उनके दो सहयोगियों को भी उम्रकैद की सजा सुनाई है। इस फैसले की मानवाधिकार समूहों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं और विपक्ष ने कड़ी निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक आजादी पर सीधा हमला बताया है।

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महरंग बलोच को सुनाई गई उम्रकैद की सजा तो सड़कों पर उतरे लोग। mahrang baloch x handle

बलूच यकजेहती कमेटी ने क्या कहा?

इस फैसले के बाद बलोच संगठन बलूच यकजेहती कमेटी ने इस फैसले का विरोध करते हुए इसे 'बलूच राष्ट्र के प्रति नफरत का इजहार' बताया है. संगठन का आरोप है कि अभियोजन पक्ष का मामला विसंगतियों से भरा था, जिसमें दो एफआईआर शामिल थीं जिनमें उसी अधिकारी की मौत की अलग-अलग तारीखें दर्ज थीं।

महरंग बलोच ने बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियानों के दौरान लोगों के जबरन गायब होने, गैर-न्यायिक हत्याओं और नागरिकों की मौतों जैसे मुद्दों को शांतिपूर्ण अभियानों के ज़रिए उजागर करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी।

24 जून को बलूचिस्तान बंद का ऐलान

महरंग बलोच और उनके दो साथियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बाद बलूचिस्तान में विरोध तेज हो गया है। फैसले के खिलाफ लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी बीच बलूच यूनिटी कमेटी (BUC) ने 24 जून को पूरे प्रांत में शटर डाउन हड़ताल का ऐलान किया है।

संगठन ने व्यापारियों, छात्रों, ट्रांसपोर्टरों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं से आंदोलन के समर्थन में बाजार बंद रखकर एकजुटता दिखाने की अपील की है। वहीं, सजा के फैसले से पहले भी कई इलाकों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया और चक्काजाम कर अपना विरोध जताया था।

कौन हैं महरंग बलोच?

बता दें कि महरंग बलोच पेशे से डॉक्टर हैं। वो बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और सरकार के अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाती रही हैं। 2009 में उनके पिता का जबरन अपहरण हुआ था और उसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी. उस वक्त महरंग बलोच की उम्र 16 साल थी. इसके बाद 2016 में उनके भाई नासिर बलोच को भी अगवा कर लिया गया था. जिसके बाद महरंग बलोच पाकिस्तानी सरकार और सेना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था. आंदोलन की वजह से उनके भाई को छोड़ दिया गया था।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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