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कौन हैं 26 साल के इरफान सोलतानी, जिन्हें ईरान सरेआम चढ़ाने जा रहा सूली पर? ट्रंप ने ऐसा ना करने की चेतावनी दी

Anti-Khamenei protests: इरफान सोलतानी, तेहरान के पास कराज शहर के फर्दीस इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें 8 जनवरी को सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद से ही इरफान सोलतानी को बुनियादी कानूनी अधिकार नहीं दिए गए। उन्हें न तो वकील से मिलने की इजाजत दी गई और न ही अदालत में अपनी सफाई पेश करने का पूरा मौका दिया गया।

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कौन हैं 26 साल के इरफान सोलतानी

Who is Erfan Soltani: ईरान एक प्रदर्शनकारी को आज सरेआम फांसी दे सकता है। ईरान में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन का आज 18वां दिन है। इस बीच प्रदर्शन में शामिल होने पर 26 साल के इरफान सुलतानी को आज फांसी दी जा सकती है। उन्हें 8 जनवरी को गिरफ्तार किया गया था। ईरान सराकर ने 11 जनवरी को मुकदमे में दोषी पाए जाने के बाद बताया था कि इरफान को भगवान के खिलाफ युद्ध छेड़ने की सजा मिल रही है। बता दें कि वह सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेते समय हिरासत में लिए गए थे। साथ ही कोई ट्रायल नहीं, कोई वकील नहीं, अब उन्हें जब फांसी देने का तय हुआ है तो परिवार को सिर्फ 10 मिनट की आखिरी मुलाकात मिलेगी।

ट्रंप आए बीच में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि अगर ईरान में अधिकारी सरकार के खिलाफ विद्रोह पर कार्रवाई में लोगों को फांसी देना शुरू करते हैं, तो अमेरिका कड़ा जवाब देगा। वहीं, ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली PM नेतन्याहू को ईरान में लोगों का हत्यारा बताया। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरानी अधिकारी कुछ प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की धमकी पर आगे बढ़ते हैं, तो अमेरिका बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा। इसपर तेहरान ने अमेरिकी चेतावनियों को 'सैन्य दखल के लिए बहाना' बताया है।

बता दें कि 28 दिसंबर को खराब होती इकॉनमी को लेकर शुरू हुए विरोध प्रदर्शन जल्दी ही सरकार विरोधी प्रदर्शनों में बदल गए। एक्सपर्ट्स इसे 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान के धार्मिक शासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती मान रहे हैं।

कौन हैं इरफान सोलतानी?

इरफान सोलतानी, तेहरान के पास कराज शहर के फर्दीस इलाके के रहने वाले हैं। उन्हें 8 जनवरी को सरकार विरोधी प्रदर्शनों में भाग लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद से ही इरफान सोलतानी को बुनियादी कानूनी अधिकार नहीं दिए गए। उन्हें न तो वकील से मिलने की इजाजत दी गई और न ही अदालत में अपनी सफाई पेश करने का पूरा मौका दिया गया। 11 जनवरी को सोलतानी के परिवार को बताया गया कि उन्हें मौत की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके बाद परिवार को सिर्फ 10 मिनट के लिए उनसे मिलने की अनुमति दी गई।

नेशनल यूनियन फॉर डेमोक्रेसी इन ईरान (NUFD) का दावा है कि उनका (इरफान) एकमात्र अपराध आजादी की मांग करना था। उन्होंने फांसी रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय दखल की अपील की है। बता दें कि सोलतानी उन 10,000 से ज्यादा लोगों में से हैं जिन्हें पिछले दो हफ्तों में सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए सरकार ने जेल में डाल दिया है।

2500 से ऊपर लोग मारे गए

ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है। अमेरिका की एक मानवाधिकार संस्था ने बुधवार को यह जानकारी दी। अमेरिका की मानवाधिकार संस्था 'ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट न्यूज एजेंसी' ने ये आंकड़े बताए हैं। संस्था ने कहा कि मरने वालों में 2,403 प्रदर्शनकारी हैं और 147 सरकारी कर्मी हैं। संस्था ने बताया कि मारे गए लोगों में 12 बच्चे और नौ आम नागरिक भी शामिल हैं जो प्रदर्शनों में शामिल नहीं थे। संस्था ने बताया कि 18,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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