US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध की वजह से पश्चिम एशिया में अशांति का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर इस जंग का अंत कब होगा? हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान को बिना शर्त सरेंडर करना होगा, तब जाकर अमेरिका सीजफायर के बारे में सोचेगा। वहीं, ईरान ने सीजफायर को लेकर जो शर्तें रखी है, उसे अमेरिका ने नकार दिया है।
इसी बीच अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया हैईरान के साथ युद्ध लंबा चल सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए अमेरिकी सरकार के पास पर्याप्त धन है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते ईरान कमजोर हो रहा है और मध्य पूर्व में शांति स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के कदम दुनिया को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।
'सुरक्षा के बिना समृद्धि संभव नहीं'
बेसेंट ने एक प्राइवेट न्यूज चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं होती, तो ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना मुश्किल हो जाता। उनके मुताबिक, “सुरक्षा के बिना समृद्धि संभव नहीं है” और ट्रंप की निर्णायक कार्रवाई से वैश्विक सुरक्षा मजबूत हुई है।
बेसेंट ने कहा, "हमारे पास इस युद्ध के लिए पर्याप्त धन है। यह अतिरिक्त धन है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल की तरह ही, और अब अपने दूसरे कार्यकाल में भी, सेना को मजबूत किया है, और वह यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि भविष्य में सेना को पर्याप्त आपूर्ति मिलती रहे।"
रूसी तेल पर प्रतिबंध हटाने को लेकर बेसेंट ने क्या कहा?
बेसेंट ने हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान और रूस के तेल पर लगे प्रतिबंधों को हटाने के कदम का भी बचाव किया। उन्होंने कहा कि इससे चीन के अलावा जापान और दक्षिण कोरिया सहित अन्य देशों को भी तेल खरीदने की अनुमति मिलेगी, साथ ही तेल की कीमतें 150 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने से रुकेंगी और ईरान और रूस को मिलने वाले कुल राजस्व में कमी आएगी।
इस बीच, अमेरिका ने ईरान पर दबाव बढ़ाने के लिए सख्त रुख अपनाया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी तनाव बना हुआ है, जहां अमेरिका और उसके सहयोगी देश स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। यूरोपीय देशों के समर्थन का भी जिक्र किया गया है, जो इस क्षेत्र में स्थिरता लाने के प्रयासों में शामिल हैं।
हालांकि, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया दी है और चेतावनी दी है कि अगर दबाव बढ़ा तो वह क्षेत्रीय ढांचे और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमला कर सकता है। ऐसे में मध्य पूर्व में तनाव अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
