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अपने मॉल जैसा चीन ने बनाई कोरोना वैक्सीन ! टीकों का होता असर तो इतने शहरों में नहीं लगती पाबंदी

  • Agency by: Agency
  • Updated Nov 2, 2022, 12:12 PM IST

चीन की आर्थिक हालत ये है कि वहां पहले तो जीडीपी के आंकड़े ही जारी नहीं किए जा रहे थे। अब जब जीडीपी के आंकड़े जारी हुए तो चीन की जीडीपी सिर्फ 3.9% बढ़ी है

अब बर्बाद चीन का नया चैप्टर। जहां पहले कंपनियां फैक्ट्री बंद करके चीन से भाग रही थीं, अब चीन के लोग भी फैक्ट्री छोड़कर भाग रहे हैं।आपको याद भी नहीं होगा आपने पिछली बार मास्क कब पहना था। ऐसा इसलिए हो पाया है क्योंकि भारत में कोरोना कंट्रोल में है, यहां अधिकतर लोगों को वैक्सीन लग चुकी है, बूस्टर डोज भी लोगों ने लगवा ली, चीन में भी ये सब हो चुका है, वहां पर भी वैक्सीन लग चुकी है, लेकिन वहां अब भी हाल ये है कि कोरोना कंट्रोल में नहीं है और इस तरह का सख्त लॉकडाउन बार बार लगाया जा रहा है, कि लोगों का जीना मुश्किल हो गया है। हालात ये है कि चीन के लोग फैक्ट्रियां छोड़ छोड़कर भाग रहे हैं। आपको एक तस्वीर दिखाता हूं।

Foxconn ग्रुप की फैक्ट्री की तस्वीर

ये चीन में एप्पल के I-Phone फोन बनाने वाली Foxconn ग्रुप की फैक्ट्री है..जहां क्वारंटीन से परेशान होकर यहां के कर्मचारी ..इस नुकीली फेसिंग को फांदकर भाग रहे हैं । फ्रस्ट्रेशन का लेवल देखिये कि ये लोग अपनी जान की भी परवाह नहीं कर रहे हैं । इस फैक्ट्री के मेनगेट पर सिक्योरिटी और पुलिस खड़ी है..जो मारपीट करके कर्मचारियों को वापस भेज देती है। कुछ दिन पहले इस फैक्ट्री को कुछ कर्मचारियों में संक्रमण की ख़बर आई थी इसके बाद यहां जितने लोग मौजूद थे उन्हे क्वारंटीन कर दिया। ये चीन में एपल की सबसे बड़ी फैक्ट्री है जिसमें 2 लाख से ज़्यादा कर्मचारी काम करते हैं।

चीन सरकार के आदेश पर इन लोगों क्वरंटीन तो कर दिया लेकिन इनके खाने -पीने का कोई ध्यान नहीं रखा। जब यहां कर्मचारियों के लिए खाने के पैकेट आते हैं तो यहां किस तरह का गदर मचता है देखिये लूट मचती है लूट।पता नहीं अगला खाना कब आयेगा। यहां के ज्यादातर कर्मचारियों को 3-4 महीने से सैलरी नहीं मिली है..लोगों के पास खर्चा चलाने लिए पैसे नहीं है..ऊपर से क्वांरटीन की यातना, जेब में पैसा नहीं पेट में खाना नहीं क्या करेंगे इसलिए भाग रहे हैं ।सोचिए ये हाल है चीन का। सब कुछ डंडे के ज़ोर पर अगर विरोध करेंगे तो जेल में डाल दिया जाएगा..इसे कहते हैं तानाशाही ।

डंडे के जोर पर लॉकडाउन

वहां डंडे के ज़ोर पर लॉकडाउन लगाया जा रहा है।लोगों को घरों में कैद किया जा रहा है । लोगों को पकड़-पकड़ क्वारंटीन सेंटर भेजा जा रहा है जहां लोगों के पास खाना नहीं है पानी नहीं है बहुत सी जगह बिस्तर नहीं है।आप तस्वीर देखिए कई इलाको में क्वारंटीन के नाम पर इतने छोटे टेंट बनाए गये हैं जहां आदमी ठीक से बैठ नहीं सकता..लेटना तो बहुत दूर की बात हैं...कई जगह क्वारंटीन BOX के ऊपर नुकीले हुक लगा दिये हैं ताकि कोई भाग नहीं सके...

कोविड के खिलाफ जीरो टॉलरेंस का असर

एक कहावत है कि जो दूसरों के लिए गड्डा खोदता है एक दिन उसको भी उस गड्डे में गिरना ही पड़ता है।चीन ने पूरी दुनिया में तबाही लाने के लिए जो वायरस फैलाया..वो अब चीन से जाने का नाम ही नहीं ले रहा है । फिर से कोरोना फैलने के ख़तरे को देखकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने चीन में zero covid policy लागू की हुई है ।इसके तहत कभी भी... किसी भी इलाके में लॉकडाउन लगाया जा सकता है ।इस समय चीन के 28 शहरों में लॉकडाउन लगा हुआ है जिससे 21 करोड़ लोग प्रभावित और परेशान हैं ।चीन के अधिकारी ऑफिस, रिहाइशी बिल्डिंग में कभी भी सील कर सकते हैं उसे क्वारंटीन सेंटर बना सकते हैं ।अगर किसी ने विरोध किया तो सेना और पुलिस उठाकर ले जा सकती है क्वारंटीन वाली यातना दे सकती है ।कोरोना संक्रमितों को पता लगाने के लिए एक खास तरह की स्मार्ट ब्रेसलेट पहनाया गया है...जिससे उन्हें आसानी से ट्रेस किया जा सकता है।अगर घर से बाहर निकले तो कार्यवाही की जाएगी।

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