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US-Iran War: जंग रोकने की अमेरिका और ईरान की 6-6 शर्तें, कैसे निकल सकता है युद्ध का समाधान?

US Iran War: युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर की संभावना फिलहाल बेहद कमजोर नजर आ रही है, क्योंकि दोनों देशों की शर्तें एक-दूसरे से पूरी ताकत के साथ टकरा रही हैं। वहीं, दोनों देशों ने सीजफायर या यूं कहें कि युद्ध खत्म करने के लिए कुछ शर्तें रखी हैं। आइए जानते हैं दोनों देशों की क्या-क्या शर्तें हैं।

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अमेरिका-ईरान ने युद्धविराम को लेकर कई शर्तें रखी हैं। AI GENERATED

US-Iran War: युद्ध के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने उनकी बात नहीं मानी तो अमेरिका जोरदार कार्रवाई करते हुए ईरानी पावर प्लांट पर हमला करेगा। ट्रंप की इस धमकी का ईरान पर कुछ खास असर पड़ता दिख नहीं रहा। मतलब साफ है कि ट्रंप की धमकियों को ईरान ज्यादा तवज्जो देने के मूड में नहीं है।

वहीं, दूसरी ओर एक प्राइवेट न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध लंबा चल सकता है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध के लिए अमेरिकी सरकार के पास पर्याप्त धन है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के चलते ईरान कमजोर हो रहा है और मध्य पूर्व में शांति स्थापित हो रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के कदम दुनिया को अधिक सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से उठाए गए हैं।

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ट्रंप ने ईरान को बिना शर्त समर्पण करने की धमकी दी है।

सवाल ये है कि आखिर मिडिल ईस्ट में जारी इस अशांति का हल कैसे निकलेगा? इसका जवाब तो अमेरिका और ईरान के पास ही है, लेकिन आइए जानते हैं कि युद्ध के बीच आखिर दोनों देशों ने सीजफायर को लेकर क्या शर्तें रखी हैं।

सबसे पहले बात की जाए ईरान की। ईरान ने मोटे तौर पर 6 शर्तें रखी हैं।

युद्ध दोबारा न हो, इसकी गारंटी

ईरान ने साफ कहा है कि सिर्फ अस्थायी सीजफायर नहीं, बल्कि भविष्य में युद्ध न दोहराने की पक्की और कानूनी गारंटी दी जाए।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों की वापसी

ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को बंद करने की मांग की है, जो सीधे तौर पर United States की सैन्य मौजूदगी को चुनौती देती है।

युद्ध का मुआवजा

ईरान ने कहा है कि युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई ‘हमलावर देशों’ को करनी होगी।

पूरे क्षेत्र में युद्ध खत्म करने की मांग

तेहरान का कहना है कि यह सिर्फ एक संघर्ष नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की अस्थिरता का हिस्सा है, इसलिए सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म होना चाहिए।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लिए नया कानून

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) को लेकर नया अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचा बनाने की मांग की गई है, जो वैश्विक तेल सप्लाई के लिहाज से बेहद अहम है।

मीडिया पर कार्रवाई

ईरान ने उन लोगों पर कार्रवाई और प्रत्यर्पण की मांग की है, जिन्हें वह अपने खिलाफ 'दुश्मन मीडिया अभियान’ से जुड़ा मानता है।

अमेरिका ने क्या शर्तें रखी हैं?

5 साल तक मिसाइल कार्यक्रम बंद

Donald Trump की सबसे बड़ी शर्त है कि ईरान कम से कम 5 वर्षों तक अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम को पूरी तरह बंद करे।

यूरेनियम संवर्धन ‘जीरो’ करना होगा

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह रोक दे और यूरेनियम संवर्धन शून्य कर दे।

परमाणु केंद्रों को बंद करने की मांग

ट्रंप प्रशासन की शर्त है कि ईरान अपने प्रमुख परमाणु ठिकानों को स्थायी रूप से बंद करे, ताकि परमाणु हथियार का खतरा खत्म हो।

क्षेत्रीय मिसाइलों पर सीमा तय

अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने क्षेत्रीय मिसाइलों की संख्या और क्षमता पर भी सख्त सीमा तय करे।

हिजबुल्ला, हमास और हूतियों को समर्थन बंद

ईरान से कहा गया है कि वह मध्य पूर्व में सक्रिय संगठनों, हिजबुल्ला, हमास और हूतियों को मिल रही मदद तुरंत बंद करे।

मुआवजे पर बड़ा विवाद

ईरान युद्ध में हुए नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है, लेकिन अमेरिका ने इसे साफ तौर पर खारिज कर दिया है।

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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजता खामेनेई की फाइल फोटो।

सबसे बड़ी समस्या ये है कि दोनों देशों को एक दूसरे की शर्तें रास नहीं आ रही हैं। एक तरफ जहां अमेरिका ने कहा कि ईरान बिना शर्त समर्पण करे, तो दूसरी ओर ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका ये सपना देख रहा है कि ईरान युद्ध में सरेंडर करने वाला है, तो ऐसा नहीं होने वाला।

जो लोग अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के मिजाज से वाकिफ हैं, उनका मानना है कि ऐसी उम्मीदें कम हैं कि ट्रंप, ईरान की शर्तों पर युद्ध खत्म कर सकते हैं। वहीं, ईरान लगातार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकेबंदी कर पूरी दुनिया की टेंशन बढ़ा रहा है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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