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'हमें पता है भारत पर US ने दबाव बनाया है', पुतिन के भारत दौरे से पहले क्रेमलिन का बड़ा बयान

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पेस्कोव ने कहा कि हम भारत और अमेरिका के कूटनीतिक रिश्ते में हस्तक्षेप नहीं कर सके लेकिन हमें पता है कि टैरिफ को लेकर भारत पर दबाव है। भारत के साथ रूस आगे अपने संबंधों को कैसे बढ़ाता है यह दबाव बहुत कुछ उस पर निर्भर करेगा।

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चार दिसंबर को दो दिन की भारत यात्रा पर आएंगे रूसी राष्ट्रपति। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Putin India Visit : रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपनी दो दिन की यात्रा पर 4 दिसंबर को भारत पहुंच रहे है। रूसी राष्ट्रपति के इस भारत दौरे पर दुनिया भर की नजर है। इस बीच, क्रेमलिन के प्रवक्ता दमित्री पेस्कोव ने रूसी तेल खरीदने पर भारत पर लगे अतिरिक्त 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ पर प्रतिक्रिया दी है। पेस्कोव ने मंगलवार को कहा कि यूएस ने टैरिफ लगाकर भारत पर दबाव बनाया है और यह बात मास्को को पता है। प्रवक्ता ने कहा कि इस टैरिफ की वजह से भारत चुनौतियों का सामना कर रहा है लेकिन रूस इस मामले में दखल नहीं देगा। यह नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच का द्विपक्षीय मसला है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक पेस्कोव ने कहा कि हम भारत और अमेरिका के कूटनीतिक रिश्ते में हस्तक्षेप नहीं कर सकते लेकिन हमें पता है कि टैरिफ को लेकर भारत पर दबाव है। भारत के साथ रूस आगे अपने संबंधों को कैसे बढ़ाता है यह दबाव बहुत कुछ उस पर निर्भर करेगा।

रक्षा समझौते पर मतदान करेगा रूस का निचला सदन

इस बीच, भारत के साथ संभावित रक्षा समझौते पर रूसी संसद का निचला सदन मतदान करेगा। रिपोर्टों में संसदीय सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि भारत-रूस पारस्परिक रसद आदान-प्रदान समझौते (आरईएलओएस) पर मतदान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत की राजकीय यात्रा से पहले होगा। पुतिन की यात्रा बृहस्पतिवार से शुरू होगी। रूसी संसद का निचला सदन ‘ड्यूमा’ द्वारा मतदान मंगलवार को प्राथमिकता क्रम में किया जाएगा।

रक्षा के अलावा कई क्षेत्रों में हो सकते हैं समझौते

आरईएलओएस समझौते का उद्देश्य संयुक्त सैन्य अभ्यास, आपदा राहत और अन्य कार्यों के लिए समन्वय को सुगम बनाना है। दोनों विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए भारतीय राजदूत विनय कुमार और तत्कालीन उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन द्वारा 18 फरवरी, 2025 को मॉस्को में प्रमुख रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। पुतिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता के लिए भारत की दो दिवसीय यात्रा पर जाएंगे। इस वार्ता से व्यापार और रक्षा क्षेत्रों सहित कई महत्वपूर्ण परिणाम सामने आने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय रणनीतिक संबंध और मजबूत होंगे।

23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक में हिस्सा लेंगे पुतिन

बीते 29 नवंबर को पुतिन की भारत यात्रा पर रूसी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति पुतिन की भारत यात्रा राजनीति, विज्ञान, मानवीय सहयोग से लेकर दोनों देशों के रणनीतिक भागीदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा करने का एक अवसर देगी। इसमें कहा गया, ‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 23वीं भारत-रूस वार्षिक शिखर बैठक के लिए चार से पांच दिसंबर तक भारत की राजकीय यात्रा पर आएंगे।’ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी पुतिन का स्वागत करेंगी और उनके सम्मान में भोज आयोजित करेंगी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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