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मौत से पहले सुरंग में छिपता दिखा याह्या सिनवार, इजराइल ने जारी किया हमास चीफ का आखिरी वीडियो

Yahya Sinwar in Tunnel Video: इजराइली सेना IDF द्वारा जारी किया गया वीडियो 7 अक्टूबर को इजरइाली हमले से कुछ घंटे पहले का है। इसमें हमास नेता याह्या सिनवार अपनी पत्नी व बच्चों के साथ सुरंग में जाता दिखाई दे रहा है।

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मौत से पहले टनल में दिखा याह्या सिनवार।

Photo : Twitter

Yahya Sinwar in Tunnel Video: इजराइली सेना IDF ने हमास चीफ याह्या सिनवार का नया वीडियो जारी किया है। यह वीडियो 7 अक्टूबर को उस पर हुए घातक हमले से कुछ घंटे पहले का है। इसमें हमास चीफ सिनवार अपनी पत्नी व बच्चों के साथ घर के नीचे बनी सुरंग में जाता दिखाई दे रहा है। उसके साथ खाने-पीने का सामान भी है। IDF का दावा है कि हमास चीफ याह्या सिनवार इजराइली हमले से बचने के लिए यहां लंबे समय तक रुकने की तैयारी में था।

IDF ने दावा किया कि इजराइल द्वारा हमला शुरू किए जाने के दौरान याह्या सिनवार लंबे समय तक सुरंग में रहने की तैयारी में था। वह अपने साथ खाने का सामान, कुछ उपकरण व अन्य जरूरी सामान ले जाता दिखाई दिया। आईडीएफ के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियल हैगरी ने ब्रीफिंग के दौरान बताया कि आप देख सकते हैं कि कैसे सिनवार और उनके परिवार के सदस्य क्रूर नरसंहार से कुछ घंटे पहले एक भूमिगत परिसर में भाग गए।

घर के नीचे ही बनाया था बंकर

IDF प्रवक्ता ने कहा हमास चीफ याह्या सिनवार ने अपने घर के नीचे ही इजराइली हमले से बचने के लिए एक बंकर बनाया था। यह सुरंग प्रणाली शौचालय, शॉवर और एक रसोई से सुसज्जित थी। इससे पता चलता है कि सिनवार ने लंबे समय तक रहने की तैयारी की थी। बता दें, इजराइल ने 7 अक्टूबर को किए गए हमले में याह्या निवार को मार गिराया था। IDF ने दावा किया था कि सिनवार की मौत सिर में गोली लगने से हुई। इससे पहले IDF ने एक और वीडियो जारी किया था, जिसमें उस इमारत को निशाना बनाते हुए दिखाया गया था, जहां सिनवार छिपा हुआ था।

हिजबुल्ला ने नेतन्याहू को बनाया निशाना

इससे पहले शनिवार को लेबनान में हिजबुल्ला की ओर से इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की हत्या के प्रयास का मामला सामने आया है। हाइफा में केसरिया स्थित उनके आवास पर ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि, हमले के समय नेतन्याहू और उनकी पत्नी आवास पर मौजूद नहीं थीं। इजराइली पीएम ने इस हमले के बाद कहा है कि हिजबुल्ला ने उनकी हत्या का प्रयास करके बड़ी गलती कर दी है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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