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पुतिन ने कोविड-19 महामारी से की अमेरिका-ईरान युद्ध की तुलना, कहा- होगे गंभीर परिणाम

रॉयटर्स के अनुसार पुतिन ने मॉस्को में व्यापारिक नेताओं से कहा, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के परिणामों का सटीक अनुमान लगाना अभी भी मुश्किल है। पुतिन ने आगे कहा कि संघर्ष के परिणामों का अनुमान लगाना कठिन है, और संघर्ष में शामिल लोग भी खुद कुछ अनुमान नहीं लगा सकते।

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पुतिन ने ईरान-अमेरिका युद्ध की तुलना कोविड-19 से की

Vladimir Putin on Iran War: पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध से उत्पन्न वैश्विक उथल-पुथल के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को कहा कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के परिणाम छह साल पहले की कोविड-19 महामारी के समान हैं। पुतिन के अनुसार, यह संघर्ष अंतरराष्ट्रीय रसद, उत्पादन और सप्लाई चेन को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा कि अमेरिका-ईरान युद्ध हाइड्रोकार्बन, धातु और उर्वरक कंपनियों पर भी भारी दबाव डाल रहा है।

संघर्ष में शामिल लोग भी अनुमान नहीं लगा सकते

रॉयटर्स के अनुसार पुतिन ने मॉस्को में व्यापारिक नेताओं से कहा, मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के परिणामों का सटीक अनुमान लगाना अभी भी मुश्किल है। पुतिन ने आगे कहा कि संघर्ष के परिणामों का अनुमान लगाना कठिन है, और संघर्ष में शामिल लोग भी खुद कुछ अनुमान नहीं लगा सकते। मुझे लगता है कि जो लोग संघर्ष में शामिल हैं, वे खुद कुछ भी अनुमान नहीं लगा सकते, लेकिन हमारे लिए तो यह और भी मुश्किल है।

रूसी राष्ट्रपति ने आगे कहा, हालांकि, पहले से ही ऐसे अनुमान लगाए जा रहे हैं जिनकी तुलना कोरोना वायरस महामारी से की जा सकती है। मैं आपको याद दिला दूं कि इसने सभी क्षेत्रों और महाद्वीपों के विकास को बिना किसी अपवाद के, नाटकीय रूप से धीमा कर दिया है।

इस युद्ध पर रूस का क्या रुख है?

रूस ने संघर्ष में शामिल सभी पक्षों से आक्रामकता और शत्रुता समाप्त करने का आह्वान किया है। ईरान के साथ घनिष्ठ संबंधों के कारण मॉस्को पर तेहरान को युद्ध और ड्रोन तकनीक, उपग्रह चित्र और खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों के बारे में खुफिया जानकारी मुहैया कराने का भी आरोप लगाया गया है। रूस ने इन रिपोर्टों का खंडन करते हुए इन्हें फर्जी खबर बताया है, लेकिन साथ ही यह भी कहा है कि ईरानी नेतृत्व के साथ उनका संवाद जारी है।

युद्ध ने दुनिया को अस्त-व्यस्त किया

अमेरिका और इजराइल के बीच ईरान पर चल रहे युद्ध ने दुनिया को अस्त-व्यस्त कर दिया है। अमेरिका-ईरान युद्ध का कोई स्पष्ट अंत नजर नहीं आ रहा है, जिसके चलते दुनिया को लगातार व्यवधानों का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी के कारण हुए इस युद्ध ने वैश्विक ऊर्जा संकट, तेल और आपूर्ति संकट तथा आर्थिक मंदी को जन्म दिया है।

विश्व व्यापार संगठन के अनुसार, वैश्विक व्यापार प्रणाली भी पिछले 80 वर्षों में सबसे भीषण व्यवधान का सामना कर रही है। विश्व व्यापार संगठन की प्रमुख न्गोजी ओकोंजो-इवेला ने विश्व व्यापार संगठन के मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर कहा, जिस विश्व व्यवस्था और बहुपक्षीय प्रणाली को हम जानते थे, वह अपरिवर्तनीय रूप से बदल गई है। उन्होंने आगे कहा, हम आज दुनिया के सामने मौजूद समस्याओं की भयावहता को नकार नहीं सकते। मौजूदा युद्ध के कारण दुनिया भर के देशों को ऊर्जा खपत में कटौती करनी पड़ी है और कई देशों ने घर से काम करने के आदेश फिर से लागू कर दिए हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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