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'यूक्रेन से ज्यादा भारत के साथ अपने FTA को EU ने दी प्राथमिकता', यूरोप पर भड़के अमेरिकी वित्त मंत्री बेसेंट

बेसेन्ट ने कहा कि यही समझौता यह भी स्पष्ट करता है कि यूरोपीय संघ ने पिछले साल भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने के वाशिंगटन के फैसले के साथ खुद को क्यों नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, 'यूरोपीय हमारे साथ आने को तैयार नहीं थे और अब पता चलता है कि वे यह व्यापार समझौता करना चाहते थे।

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अमेरिकी विदेश मंत्री स्कॉट बेसेंट।

Photo : ANI

India EU FTA: भारत और यूरोप के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अमेरिका को पसंद नहीं आ रहा है। अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस व्यापार समझौते की आलोचना की है। बेसेंट ने कहा है कि भारत के साथ यूरोप का व्यापार समझौता यह दिखाता है कि यूरोप के देश यूक्रेन के लोगों से ज्यादा अपने कारोबारी हित को प्राथमिकता दे रहे हैं। न्यूज चैनल सीएनबीसी के साथ बातचीत में बेसेंट ने बुधवार को कहा कि भारत और यूरोप के बीच हुए एफटीए से उन्हें निराशा हुई है।

उन्होंने कहा कि ब्रसेल्स पर यूक्रेन में जारी युद्ध के बावजूद व्यापारिक हितों को प्राथमिकता देने का आरोप लगाते हुए बेसेंट ने कहा, 'उन्हें वही करना चाहिए जो उनके लिए सबसे बेहतर हो, लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि मुझे यूरोपीय लोग बेहद निराशाजनक लगे।' उनकी ये टिप्पणियां ऐसे समय आईं जब एक दिन पहले ही यूरोपीय संघ ने भारत के साथ लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया। इस समझौते का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना और बढ़ते वैश्विक व्यापार तनावों के बीच अमेरिका पर यूरोप की निर्भरता कम करना है। समझौते के तहत मूल्य के आधार पर 96.6 प्रतिशत व्यापारित वस्तुओं पर शुल्क समाप्त या कम किए जाएंगे। इससे 2032 तक भारत में यूरोपीय संघ के निर्यात के दोगुना होने की संभावना है और यूरोपीय कंपनियों को लगभग 4 अरब यूरो की शुल्क बचत हो सकती है।

'यूरोपीय हमारे साथ आने को तैयार नहीं थे'

बेसेन्ट ने कहा कि यही समझौता यह भी स्पष्ट करता है कि यूरोपीय संघ ने पिछले साल भारत पर ऊंचे टैरिफ लगाने के वाशिंगटन के फैसले के साथ खुद को क्यों नहीं जोड़ा। उन्होंने कहा, 'यूरोपीय हमारे साथ आने को तैयार नहीं थे और अब पता चलता है कि वे यह व्यापार समझौता करना चाहते थे। इसलिए हर बार जब आप किसी यूरोपीय को यूक्रेनी लोगों के महत्व की बात करते सुनें, तो याद रखें कि उन्होंने यूक्रेनी लोगों से पहले व्यापार को रखा।'

अपने खिलाफ युद्ध की फंडिंग कर रहे यूरोपीय देश

उन्होंने यूरोपीय देशों पर रूस से कच्चे तेल से बने परिष्कृत ईंधन उत्पाद खरीदकर अप्रत्यक्ष रूप से रूस के युद्ध को वित्तपोषित करने का भी आरोप लगाया। बेसेन्ट ने कहा, 'रूसी तेल भारत जाता है, वहां से परिष्कृत उत्पाद निकलते हैं और यूरोपीय उन्हें खरीदते हैं। वे अपने ही खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित कर रहे हैं।' अमेरिकी ट्रेजरी सचिव ने कहा कि उन्होंने व्यापार समझौते के औपचारिक रूप से संपन्न होने से पहले, पिछले सप्ताह भी ऐसी ही चिंताएं उठाई थीं। इससे पहले एबीसी न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने बताया था कि रूस से तेल खरीदने को लेकर वाशिंगटन ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए हैं, जबकि यूरोप ने भारत के साथ अपना व्यापार समझौता आगे बढ़ाया।

यूरोप की तुलना में 'हमने कहीं अधिक बड़े बलिदान' दिए

बेसेन्ट ने कहा, 'हमने रूस का तेल खरीदने पर भारत पर 25% टैरिफ लगाए हैं। और अंदाजा लगाइए, पिछले सप्ताह क्या हुआ? यूरोपीय देशों ने भारत के साथ व्यापार समझौता कर लिया। और फिर से साफ कर दूं-रूसी तेल भारत जाता है, वहां से परिष्कृत उत्पाद निकलते हैं और यूरोपीय उन्हें खरीदते हैं। वे अपने ही खिलाफ युद्ध को वित्तपोषित कर रहे हैं।' बेसेन्ट ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन ने संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों में अपने यूरोपीय समकक्षों की तुलना में मॉस्को पर अधिक दबाव डाला है। उन्होंने कहा, 'ट्रंप ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए बातचीत करने का प्रयास किया है,' और जोड़ा कि अमेरिका ने यूरोप की तुलना में 'कहीं अधिक बड़े बलिदान' दिए हैं।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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