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गाजा में तत्काल युद्धविराम की मांग संबंधी प्रस्ताव पर US ने वीटो लगाया, 14 सदस्यों ने पक्ष में किया वोट

इस प्रस्ताव में गाजा में मानवीय स्थिति को 'बहुत खराब' बताया गया था और इजरायल से उस क्षेत्र में 21 लाख फलस्तीनियों को सहायता पहुंचाने पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का आह्वान किया गया था। यह परिणाम गाजा में लगभग दो साल से जारी युद्ध के संबंध में विश्व मंच पर अमेरिका और इजरायल का अलग थलग होना दिखाता है।

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गाजा में सीजफायर प्रस्ताव पर यूएस का वीटो। तस्वीर-AP

Photo : AP

Gaza Ceasefire Veto: अमेरिका ने बृहस्पतिवार को एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया जिसमें गाजा में तत्काल स्थायी संघर्षविराम और बंधकों की रिहाई की बात की गई थी। संयुक्त राष्ट्र के सबसे शक्तिशाली निकाय के सभी 14 अन्य सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया। इस प्रस्ताव में गाजा में मानवीय स्थिति को 'बहुत खराब' बताया गया था और इजरायल से उस क्षेत्र में 21 लाख फलस्तीनियों को सहायता पहुंचाने पर लगे सभी प्रतिबंध हटाने का आह्वान किया गया था। यह परिणाम गाजा में लगभग दो साल से जारी युद्ध के संबंध में विश्व मंच पर अमेरिका और इजरायल का अलग थलग होना दिखाता है।

65,141 लोग मारे जा चुके-फिलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय

गुरुवार को परिषद के 15 में से 14 सदस्यों द्वारा अनुमोदित प्रस्ताव में 'गाजा में सभी पक्षों द्वारा सम्मानित तत्काल, बिना शर्त और स्थायी युद्धविराम', हमास और अन्य समूहों द्वारा बंधक बनाए गए सभी लोगों की रिहाई, तथा गाजा में मानवीय सहायता पर लगे प्रतिबंधों को हटाने की मांग की गई। परिषद के 10 निर्वाचित सदस्यों द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव ने पिछले मसौदों से आगे बढ़ते हुए गाजा पट्टी में लगभग दो वर्षों से चले आ रहे युद्ध की वजह से पैदा हुई 'विनाशकारी' मानवीय स्थिति को रेखांकित किया। इस युद्ध में फिलिस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अब तक कम से कम 65,141 लोग मारे जा चुके हैं।

विरोध कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी-ऑर्टागस

जैसा कि अनुमान लगाया गया था, संयुक्त राज्य अमेरिका ने इस प्रयास को वीटो कर दिया। अमेरिका की उप विशेष दूत (डिप्टी स्पेशल एनवॉय) मोर्गन ऑर्टागस ने कहा, 'इस प्रस्ताव का अमेरिका द्वारा विरोध कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी।' यह हमास की निंदा करने या इजरायल के आत्मरक्षा के अधिकार को मान्यता देने में विफल है, और यह दुर्भाग्यवश उन झूठे आख्यानों को वैध ठहराता है जो हमास के हित में हैं और जिन्हें इस परिषद में भी समर्थन मिल गया है।

Alok Rao
आलोक कुमार राव author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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