अमेरिकी सीनेटर का दावा: भारत ने रूस से तेल खरीद घटाई, टैरिफ कम करने का किया आग्रह
- Edited by: शिव शुक्ला
- Updated Jan 5, 2026, 07:42 PM IST
सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि करीब एक महीने पहले मैं भारतीय राजदूत के आवास पर था। वह इस बात पर जोर दे रहे थे कि भारत ने रूस से तेल खरीद काफी कम कर दी है और मुझसे राष्ट्रपति से टैरिफ घटाने की बात कहने को कहा। हालांकि भारत ने अभी उनके दावे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम
अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने दावा किया है कि अमेरिका में भारत के राजदूत विनय क्वात्रा ने उन्हें जानकारी दी कि नई दिल्ली ने रूस से कच्चे तेल की खरीद में कमी की है और भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ को घटाने का आग्रह किया है।
ग्राहम ने कहा कि उन्होंने ‘एयर फोर्स वन’ में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस मुद्दे पर बातचीत की। यह बातचीत उस प्रस्तावित टैरिफ बिल को लेकर हुई, जिसमें रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों से आयातित वस्तुओं पर 500 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का प्रावधान है। ग्राहम के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए मॉस्को के साथ व्यापार करने वालों पर दबाव बनाना जरूरी है।
सीनेटर ग्राहम ने किया दावा
सीनेटर ग्राहम ने दावा किया कि करीब एक महीने पहले मैं भारतीय राजदूत के आवास पर था। वह इस बात पर जोर दे रहे थे कि भारत ने रूस से तेल खरीद काफी कम कर दी है और मुझसे राष्ट्रपति से टैरिफ घटाने की बात कहने को कहा। हालांकि, इस दावे पर भारतीय अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
ग्राहम ने कहा कि अमेरिका पहले ही रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा चुका है। उनके अनुसार, ट्रंप प्रशासन का यह कदम असरदार रहा है और इसी वजह से भारत ने रूसी तेल का आयात घटाया है।
ट्रंप ने टैरिफ बढ़ाने के दिए संकेत
इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप ने भी संकेत दिया कि वह रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत से खुश नहीं हैं और चेतावनी दी कि भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ “बहुत जल्द” बढ़ाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जानते हैं कि वह (ट्रंप) रूस से कच्चे तेल की खरीद के भारत के कदम से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि वे (भारत) दरअसल मुझे खुश करना चाहते थे। मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं; वह नेक दिल हैं। उन्हें पता था कि मैं खुश नहीं हूं और मुझे खुश करना उनके लिए महत्वपूर्ण था। वे (भारत) व्यापार कर रहे हैं और हम बहुत जल्द उन पर टैरिफ बढ़ा सकते हैं। यह उनके लिए बहुत बुरा होगा।
पिछले महीने विनय क्वात्रा ने की थी मुलाकात
बता दें कि क्वात्रा ने पिछले महीने वाशिंगटन डीसी में भारत के राजदूत के आधिकारिक आवास ‘इंडिया हाउस’ में ग्राहम, रिचर्ड ब्लूमंथल, शेल्डन व्हाइटहाउस, पीटर वेल्च, डैन सुलिवन और मार्कवेन मुलिन सहित कुछ अमेरिकी सीनेटर की मेजबानी की थी। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा था कि ऊर्जा और रक्षा सहयोग से लेकर व्यापार और महत्वपूर्ण वैश्विक घटनाक्रमों तक, भारत-अमेरिका साझेदारी पर सार्थक बातचीत हुई। मजबूत भारत-अमेरिका संबंधों के लिए समर्थन के वास्ते उनका आभारी हूं।
अभी रूसी तेल खरीद के ये हैं आंकड़े
ट्रंप ने रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारतीय वस्तुओं के आयात पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने की घोषणा की थी। इससे भारतीय वस्तुओं पर लागू कुल शुल्क बढ़कर 50 फीसदी हो गया था, जो किसी भी अन्य देश के मुकाबले अधिक है।
गौरतलब है कि भारत अपनी जरूरत का करीब 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है। वर्ष 2021 तक भारत के कुल कच्चे तेल आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी महज 0.2 प्रतिशत थी, लेकिन यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते सस्ते रूसी तेल की उपलब्धता बढ़ने से भारत ने इसका आयात तेज कर दिया था। रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स कंपनी ‘केप्लर’ के अनुसार, दिसंबर 2025 में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल का आयात घटकर लगभग 12 लाख बैरल प्रतिदिन रहने का अनुमान है, जो दिसंबर 2022 के बाद सबसे कम स्तर है।