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जनवरी से अब तक US ने निरस्त किए 85 हजार वीजा, 8 हजार छात्र भी हुए फैसले का शिकार

X पर अपने एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'जनवरी से अब तक 85,000 वीजा निरस्त हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रूबियो अपने आदेश पर दृढ़ता से कायम हैं और वे अभी रुकने वाले नहीं हैं।' विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इसमें 8000 छात्र भी शामिल हैं जिनका वीजा निरस्त हुआ है।

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। तस्वीर-AP

US revokes 85,000 visas : अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि जनवरी से उसने अब तक 85 हजार वीजा समाप्त कर दिए हैं। मंत्रालय का कहना है कि ऐसा सीमा सुरक्षा और अप्रवासी नियमों को सख्ती से लागू करने की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। X पर अपने एक बयान में विदेश मंत्रालय ने कहा कि 'जनवरी से अब तक 85,000 वीजा निरस्त हुए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप और विदेश मंत्री रूबियो अपने आदेश पर दृढ़ता से कायम हैं और वे अभी रुकने वाले नहीं हैं।' विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इसमें 8000 छात्र भी शामिल हैं जिनका वीजा निरस्त हुआ है।

पोस्ट में ट्रंप की तस्वीर के साथ 'मेक अमेरिका सेफ अगेन' का स्लोगन दिया गया है। यानी अमेरिका को सुरक्षित बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।

रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने बताया है कि रद्द किए गए 8,000 से अधिक छात्र वीजा रद्द हुए हैं, जो पिछले साल के मुकाबले दोगुने हैं। अधिकारी ने कहा कि वीजा रद्द करने के सबसे आम कारण डीयूआई (शराब पीकर गाड़ी चलाना), हमले और चोरी थे। इन अपराधों के चलते आधे वीजा रद्द हुए हैं।

गाजा संघर्ष में शामिल छात्र भी बने निशाना

2025 में रद्द किए गए बाकी वीजो के बारे में कोई विवरण नहीं दिया गया। इससे पहले, विदेश विभाग ने वीजा रद्द करने को समाप्ति की अवधि (एक्सपायरी) और 'आतंकवाद के समर्थन' की ओर इशारा करते हुए उचित ठहराया था। अक्टूबर में, कुछ वीजा उन लोगों के रद्द किए गए जिन्होंने कथित तौर पर रूढ़िवादी राजनीतिक कार्यकर्ता चार्ली किर्क की हत्या पर 'जश्न' मनाया था। अधिकारियों ने उन अंतरराष्ट्रीय छात्रों को भी निशाना बनाया है जो गाजा संघर्ष के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में सक्रिय रहे।

H-1B वीजा आवेदकों की जांच और सख्त

अगस्त में, विभाग के एक अधिकारी ने कहा था कि वे 'सतत जांच' नीति लागू करने की योजना बना रहे हैं, जो '55 मिलियन से अधिक विदेशी नागरिकों' पर लागू होगी जिनके पास वैध अमेरिकी वीजा हैं। ट्रंप प्रशासन के दूसरे कार्यकाल के दौरान, विदेश विभाग ने वीजा आवेदनों की जांच के मानदंडों को व्यापक किया है, ताकि यह तय किया जा सके कि किन लोगों को अमेरिका में रहने की अनुमति दी जाए। अमेरिकी प्रशासन ने H-1B वीजा आवेदकों की जांच को सख्त कर दिया है। यह वीज़ा अमेरिकी नियोक्ताओं को विभिन्न विशेष क्षेत्रों में विदेशी कर्मचारियों को नियुक्त करने में मदद करता है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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