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मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद कितनी बदलेगी अमेरिकी राजनीति? ट्रंप के पूर्व NSA जॉन बोल्टन ने 2028 को लेकर की बड़ी भविष्यवाणी

US Midterm Election Results: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने इसे ट्रंप की स्पष्ट हार बताया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स के नियंत्रण के बाद अगले दो साल तक अमेरिका में राजनीतिक गतिरोध और सत्ता संघर्ष देखने को मिल सकता है। वहीं, दोनों पार्टियों का फोकस 2028 के राष्ट्रपति चुनाव पर भी रहेगा।

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पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की फोटो।AP

US Midterm Election Results: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने इन नतीजों को ट्रंप की बेहद महत्वपूर्ण हार बताया है। उनका कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों कांग्रेस का नियंत्रण जाने के बाद अमेरिका में अगले दो साल तक राजनीतिक गतिरोध (Political Gridlock) देखने को मिल सकता है।

बोल्टन के मुताबिक, ट्रंप ने खुद को चुनाव के केंद्र में रखकर मुकाबले को अपनी लोकप्रियता पर जनमत संग्रह जैसा बना दिया था। डेमोक्रेट्स ने भी इसी रणनीति का फायदा उठाया और मतदाताओं ने ट्रंप के पहले दो साल के कामकाज के खिलाफ वोट दिया।

ट्रंप के लिए क्यों बड़ा झटका है चुनावी नतीजा?

पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन ने कहा कि मिडटर्म चुनाव में आमतौर पर व्हाइट हाउस में सत्ता संभाल रही पार्टी को सीटों का नुकसान होता है। मतदाता राष्ट्रपति के शुरुआती दो साल के कामकाज और नीतियों के आधार पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हैं।

हालांकि, बोल्टन के अनुसार ट्रंप ने इस पारंपरिक राजनीतिक चुनौती से निपटने के बजाय खुद को चुनाव का मुख्य चेहरा बना लिया। उन्होंने बार-बार मतदाताओं से कहा कि वे उन्हें भी चुनावी उम्मीदवार की तरह समझें। बोल्टन का मानना है कि ट्रंप ने इस तरह चुनाव को अपने नेतृत्व पर जनमत संग्रह में बदल दिया। डेमोक्रेट्स ने इस मौके का पूरा फायदा उठाया और नतीजा ट्रंप के खिलाफ स्पष्ट जनादेश के रूप में सामने आया।

डेमोक्रेट्स की जीत का मतलब उनकी नीतियों को समर्थन नहीं: बोल्टन

जॉन बोल्टन ने यह भी स्पष्ट किया कि ट्रंप की हार को डेमोक्रेटिक पार्टी की नीतियों के समर्थन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, डेमोक्रेट्स के पास मतदाताओं के सामने ट्रंप का विरोध करने के अलावा कोई बड़ा एजेंडा नहीं था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें वोट दिया, क्योंकि वे ट्रंप के कामकाज से नाराज थे। बोल्टन का मानना है कि यह चुनाव डेमोक्रेट्स की नीतियों की जीत से ज्यादा ट्रंप के खिलाफ लोगों की नाराजगी का नतीजा है।

अगले दो साल अमेरिका में राजनीतिक गतिरोध की आशंका

बोल्टन ने कहा कि अब कांग्रेस पर डेमोक्रेट्स का नियंत्रण होने के कारण ट्रंप प्रशासन के लिए बड़े कानूनों और नई घरेलू नीतियों को लागू करना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि अगले दो साल तक अमेरिका में किसी बड़े विधायी बदलाव के बजाय राजनीतिक खींचतान देखने को मिलेगी। दोनों पार्टियां 2028 के राष्ट्रपति चुनाव की तैयारियों और राजनीतिक रणनीतियों पर ज्यादा ध्यान देंगी।

बोल्टन के मुताबिक, अमेरिकी संसद में डेमोक्रेट्स ट्रंप के फैसलों की आलोचना कर सकते हैं और खासकर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर उनके लिए मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं। लेकिन अमेरिका में संसदीय व्यवस्था नहीं है, इसलिए कांग्रेस में बहुमत होने के बावजूद डेमोक्रेट्स के लिए ट्रंप को अपनी मर्जी के खिलाफ कोई कदम उठाने के लिए मजबूर करना आसान नहीं होगा।

ट्रंप के फैसलों पर बढ़ेगी विपक्ष की निगरानी

मिडटर्म चुनाव के बाद ट्रंप प्रशासन और डेमोक्रेट्स के बीच टकराव बढ़ सकता है। कांग्रेस में डेमोक्रेट्स की मजबूत स्थिति प्रशासन की नीतियों पर सवाल उठाने और उसकी आलोचना करने का अवसर देगी। खासकर विदेश नीति के मुद्दों पर ट्रंप को विपक्ष के सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़ सकता है। वहीं, 2028 के राष्ट्रपति चुनाव को देखते हुए दोनों पार्टियों के बीच राजनीतिक बयानबाजी और रणनीतिक मुकाबला तेज होने की संभावना है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमारauthor

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घटनाओं को सटीक, सरल और असरदार अंदाज में खबरों की भाषा देना उनकी सबसे बड़ी ताकत है। ब्रेकिंग न्यूज की रफ्तार हो या किसी जटिल मुद्दे को आसान बनाकर समझाने वाले एक्सप्लेनर—पीयूष दोनों में बराबर दक्षता रखते हैं। न्यूज जजमेंट, फैक्ट-बेस्ड राइटिंग और एंड-टू-एंड कॉपी प्रोडक्शन पर इनकी पकड़ मजबूत है और अबतक 4,000 से अधिक स्टोरी लिख चुके हैं।

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