US Iran War: अमेरिका-ईरान युद्ध से दुनिया बुरी तरह प्रभावित है। इस युद्ध ने सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान ले ली है। हालांकि, एक जंग तो पिछले चार साल से निरंतर जारी है। यहां बात हो रही है रूस-यूक्रेन जंग की।
24 फरवरी 2022 से शुरू हुई इस जंग का अंत नहीं हुआ है। यह संघर्ष द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप में सबसे बड़े सैन्य संघर्षों में से एक बन गया है। हाल के दिनों में यह युद्ध और भीषण रूप ले चुका है। इस युद्ध में पारंपरिक हथियारों की जगह ड्रोन और मिसाइलों का इस्तेमाल तेजी से बढ़ गया है।

रूस ने यूक्रेन पर तेज किए हमले। AP
रूस ने यूक्रेन पर किए ताबड़तोड़ हमले
मंगलवार को रूस ने 1000 ड्रोन और 34 मिसाइलें दागीं। वहीं, यूक्रेन ने भी जबरदस्त पलटवार करते हुए 400 ड्रोन से रूस पर हमला किया। अमेरिका-ईरान की वजह से भले ही दुनिया की सिरदर्दी बढ़ चुकी है, लेकिन इस फसाद ने रूस की चांदी कर दी है।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की वजह से कई देशों में कच्चे तेल की आवाजाही ठप्प है। कुछ ही जहाज तेल और गैस लेकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पार कर पा रहे हैं। फिलीपींस जैसे देशों में तो 'एनर्जी इमरजेंसी' लागू कर दी गई है।

रूस ने यूक्रेन पर दागीं हजारों मिसाइलें।
अमेरिका के फैसले से रूस को हुआ जबरदस्त फायदा
वहीं, अमेरिका ने रूसी ऊर्जा निर्यातकों पर लगाए गए प्रतिबंधों में अस्थायी ढील दी है। अमेरिका का उद्देश्य है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को काबू में रखा जा सके। इस फैसले से रूसी तेल 'यूराल्स' की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक इसकी कीमत 70 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ चुकी है। रूस से भारत भेजे जाने वाले तेल की खेपों की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया है।ट्रंप के फैसले से जेलेंस्की क्यों हैं नाराज?
अमेरिका के इस फैसले पर यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से रूस की स्थिति और भी ज्यादा मजबूत होगी। पिछले चार वर्षों में प्रतिबंध लगाकर रूस पर जो दबाव बनाया गाय था, वह एक ही झटके में कम हो जाएगा। उन्होंने कहा था कि इस ढील से रूस को युद्ध के लिए करीब 10 अरब डॉलर मिल सकते हैं।
बढ़ती जा रही यूक्रेन की मुसीबतें
वहीं, यूक्रेन की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही। युद्ध लड़ने के लिए यूक्रेन को पैसों की सख्त जरूरत है। यूरोपीय संघ द्वारा यूक्रेन के सशस्त्र बलों और युद्ध से तबाह अर्थव्यवस्था को अगले दो वर्षों तक चलाने के लिए दिए जाने वाले 90 अरब यूरो (104 अरब डॉलर) के ऋण को हंगरी रोक रहा है।
सर्दी खत्म और रूस का एक्शन शुरू...
वहीं, सर्दियों के अंत के साथ ही रूस अपनी सैन्य कार्रवाई और भी भीषण कर सकता है। अमेरिकी थिंक टैंक सेंटर फॉर यूरोपियन पॉलिसी एनालिसिस की एलिना बेकेटोवा ने कहा कि पिछले कुछ हफ्तों में रूस ने युद्ध के मैदान और हवाई क्षेत्र में दबाव बढ़ा दिया है। रूस की नजर डोनबास पर है।

रूस ने युद्ध के मैदान और हवाई क्षेत्र में दबाव बढ़ा दिया है।
यूक्रेन के सशस्त्र बलों के कमांडर-इन-चीफ, जनरल ओलेक्सांद्र सिरस्की ने इस सप्ताह कहा कि यूक्रेन के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में फैली लगभग 1,250 किलोमीटर (750 मील) लंबी अग्रिम पंक्ति पर भीषण लड़ाई चल रही है।
बता दें कि रूस, यूक्रेन के लगभग 20 प्रतिशत हिस्से पर कब्जा रखता है। इसमें क्रीमिया प्रायद्वीप भी शामिल है, जिसे रूस ने 2014 में अपने कब्जे में ले लिया था। आशंका जताई जा रही है कि अगले कुछ दिनों में रूस, दक्षिणी जापोरिजिया और निप्रोपेत्रोव्स्क क्षेत्रों में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नए प्रयास करेगा।
