US-India Tie: अमेरिकी विदेश उप मंत्री एस पॉल कपूर ने कहा कि अमेरिका और भारत रक्षा और नागरिक परमाणु सहयोग का विस्तार कर रहे हैं, जिसमें अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली विश्वसनीय कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना शामिल है। कपूर ने ये टिप्पणियां हूवर इंस्टीट्यूशन में भारत पर आयोजित एक गोलमेज सम्मेलन में कीं, जिसमें पूर्व विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस और भारत में पूर्व अमेरिकी राजदूत डेविड सी मुलफोर्ड ने भी भाग लिया।
पॉल कपूर ने क्या-क्या कहा?
पॉल कपूर ने सोमवार को X पर एक पोस्ट में कहा, इस (ट्रंप) प्रशासन के तहत, भारत के साथ अमेरिकी जुड़ाव से देश में रोजगार सृजित हो रहे हैं और आपूर्ति श्रृंखलाएं मजबूत हो रही हैं, जो संयुक्त राज्य अमेरिका और इस क्षेत्र दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने कहा, हम रक्षा और नागरिक परमाणु सहयोग का विस्तार कर रहे हैं, जिसमें अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने वाली विश्वसनीय एआई और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों को अपनाना शामिल है।
पिछले साल, भारत और अमेरिका ने भूमि, समुद्र, वायु, अंतरिक्ष और साइबरस्पेस सहित सभी क्षेत्रों में अंतर-संचालनीयता को मजबूत करने के लिए एक प्रमुख रक्षा साझेदारी के ढांचे पर हस्ताक्षर किए थे। 2002 से भारत ने अमेरिका से कई रक्षा उपकरण प्राप्त किए हैं, जिनमें अपाचे और चिनूक हेलीकॉप्टर, सी-17 और सी-130जे परिवहन विमान, पी-8आई समुद्री गश्ती विमान और एम777 हॉवित्जर शामिल हैं।
नागरिक परमाणु क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने के लिए उत्सुक
अमेरिकी परमाणु ऊर्जा कंपनियां भारत में नागरिक परमाणु क्षेत्र में संभावनाएं तलाशने के लिए उत्सुक हैं। इस वर्ष की शुरुआत में, परमाणु क्षेत्र के शीर्ष अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल भारत आया था ताकि नई दिल्ली द्वारा शांति कानून लागू करके दायित्व कानूनों में ढील देने के बाद निजी क्षेत्र के साथ सहयोग की संभावनाओं का पता लगाया जा सके।
बता दें कि अमेरिकी अधिकारी का बयान ऐसे वक्त पर सामने आया है जब डोनाल्ड ट्रंप का रुख पाकिस्तान की ओर अधिक केंद्रित है। वह कई बार भारत पर टैरिफ शुल्क लगा चुके हैं। उनकी ओर से भारत पर आरोपों का सिलसिला जारी है।
