Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 14 September 2026 : 14 सितंबर 2026, सोमवार का दिन है। आज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 07:06 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शुरू होगी। आज हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व भी मनाया जा रहा है। चित्रा नक्षत्र दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा, इसके बाद स्वाती नक्षत्र शुरू होगा। ब्रह्म योग दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा, इसके बाद इन्द्र योग शुरू होगा। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति क्या रहेगी।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 06:05 बजे और सूर्यास्त शाम 06:28 बजे होगा। चंद्रमा का उदय सुबह 09:06 बजे और चन्द्रास्त रात 08:04 बजे होगा। आज चंद्र दर्शन वर्जित है।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि सुबह 07:06 बजे तक रहेगी। इसके बाद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि शुरू होगी। चित्रा नक्षत्र दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। इसके बाद स्वाती नक्षत्र शुरू होगा। योग की बात करें तो ब्रह्म योग दोपहर 12:47 बजे तक रहेगा। इसके बाद इन्द्र योग शुरू होगा।
करण (Karan)
गर करण सुबह 07:06 बजे तक रहेगा। इसके बाद वणिज करण शाम 07:20 बजे तक रहेगा। इसके बाद विष्टि करण शुरू होगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज सोमवार है और शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि है। आज भाद्रपद शुक्ल पक्ष चल रहा है। सुबह 07:06 बजे के बाद चतुर्थी तिथि शुरू होगी। आज हरितालिका तीज और गणेश चतुर्थी का पर्व भी है।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास भाद्रपद (पूर्णिमान्त) और भाद्रपद (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 29 है।
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
आज चंद्रमा तुला राशि में स्थित हैं। इसके साथ ही चित्रा नक्षत्र सुबह 07:39 बजे तक तीसरे चरण में रहेगा। इसके बाद चौथा चरण दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। दोपहर 01:55 बजे के बाद स्वाती नक्षत्र शुरू होगा। स्वाती नक्षत्र का पहला चरण रात 08:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद दूसरा चरण 15 सितंबर की रात 02:33 बजे तक रहेगा। इसके बाद स्वाती का तीसरा चरण शुरू होगा। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं और उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 12 घंटे 22 मिनट 11 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 38 मिनट 17 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:16 बजे होगा।
14 सितंबर के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:32 बजे से 05:19 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:56 बजे से 06:05 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:52 बजे से दोपहर 12:41 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:20 बजे से 03:10 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:28 बजे से 06:51 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:28 बजे से 07:37 बजे तक
अमृत काल: सुबह 07:18 बजे से 08:57 बजे तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:53 बजे से 15 सितंबर की रात 12:40 बजे तक
रवि योग: दोपहर 01:55 बजे से 15 सितंबर की सुबह 06:06 बजे तक
14 सितंबर के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: सुबह 07:38 बजे से 09:11 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 10:44 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 01:49 बजे से 03:22 बजे तक
विडाल योग: सुबह 06:05 बजे से दोपहर 01:55 बजे तक
वर्ज्य: शाम 07:51 बजे से रात 09:33 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 12:41 बजे से 01:31 बजे तक
दुर्मुहूर्त: दोपहर 03:10 बजे से 03:59 बजे तक
बाण: रोग बाण सुबह 06:06 बजे तक रहेगा।
भद्रा: शाम 07:20 बजे से 15 सितंबर की सुबह 06:06 बजे तक रहेगी।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में मुद्गर योग दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। इसके बाद छत्र योग शुरू होगा। तमिल योग में मरण योग दोपहर 01:55 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग शुरू होगा।
जीवनम: अर्ध जीवन रहेगा।
नेत्रम: नेत्रहीन रहेगा।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति दोपहर 01:55 बजे तक सूर्य की रहेगी। इसके बाद बुध की होमाहुति रहेगी।
दिशा शूल: पूर्व दिशा में रहेगा।
चन्द्र वास: पश्चिम दिशा में रहेगा।
अग्निवास: सुबह 07:06 बजे तक पाताल में रहेगा। इसके बाद पृथ्वी पर रहेगा।
राहु वास: उत्तर-पश्चिम दिशा में रहेगा।
कुम्भ चक्र: पूर्व दिशा में रहेगा।
भद्रावास: शाम 07:20 बजे से पूरी रात पाताल में रहेगा।
शिववास: सुबह 07:06 बजे तक सभा में रहेगा। इसके बाद क्रीड़ा में रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
