'आतंकी पन्नू की हत्या की रची थी साजिश...', आरोप कबूलने वाले निखिल गुप्ता की सामने आई तस्वीर; इस दिन सुनाई जाएगी सजा
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Feb 14, 2026, 05:23 PM IST
अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) ने उस व्यक्ति की तस्वीर जारी की है, जिसने अमेरिकी कोर्ट में एनआईए द्वारा आतंकवादी घोषित गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने का आरोप कबूल किया है।
अमेरिकी डीईए ने निखिल गुप्ता की जारी की तस्वीर (फोटो साभार: @DEANEWYORKDiv)
अमेरिकी ड्रग एनफोर्समेंट एडमिनिस्ट्रेशन (DEA) ने निखिल गुप्ता की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्होंने अमेरिकी कोर्ट में खालिस्तानी अलगवावादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश की बात कबूली है।
निखिल गुप्ता पर क्या हैं आरोप
निखिल गुप्ता, जो एक भारतीय है, उस पर न्यूयॉर्क में एनआईए द्वारा आतंकवादी घोषित गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की नाकाम साजिश रचने का आरोप है। रिपोर्ट के मुताबिक, निखिल गुप्ता ने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल कर लिया है। इस मामले में उसे अधिकतम 24 साल तक की सजा हो सकती है।
डीईए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट कर बताया कि एजेंसियों की टीमवर्क से 'मर्डर-फॉर-हायर' की यह साजिश नाकाम कर दी गई।
एफबीआई (Federal Bureau of Investigation) ने बताया कि यह मामला दिखाता है कि अमेरिका अपने नागरिकों की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम करता है। जांच के बाद निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की। एफबीआई ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''FBI न्यूयॉर्क और US अटॉर्नी SDNY की जांच के बाद, निखिल गुप्ता ने न्यूयॉर्क में एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली।"
कब सुनाई जाएगी सजा?
US अटॉर्नी ऑफिस फॉर सदर्न डिस्ट्रिक्ट ऑफ न्यूयॉर्क के बयान के मुताबिक, निखिल गुप्ता उर्फ 'निक' ने हत्या की साजिश, मर्डर फॉर हॉयर और मनी लॉन्ड्रिंग की साजिश जैसे तीनों आरोपों को स्वीकार किया है। उसने अमेरिकी मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने गुनाह कबूला है। उसकी सजा पर फैसला 29 मई 2026 को अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट जज विक्टर मारेरो सुनाएंगे।
FBI के असिस्टेंट डायरेक्टर रोमन रोज़हाव्स्की ने कहा कि अमेरिकी एजेंसियों की कार्रवाई से यह हत्या की साजिश समय रहते रोक दी गई थी। उनका कहना है कि किसी भी देश में बैठकर अगर कोई अमेरिकी नागरिक को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, तो उसे कानून के सामने लाया जाएगा।
भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है निखिल
इससे पहले, 17 अक्टूबर 2024 को विदेश मंत्रालय ने बताया था कि अमेरिकी न्याय विभाग के आरोपपत्र में जिस व्यक्ति का नाम है, वह अब भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, ''मैं कंफर्म करता हूं कि वह व्यक्ति भारत सरकार का कर्मचारी नहीं है।'' अमेरिकी न्याय विभाग ने दावा किया कि एक अज्ञात भारतीय सरकारी कर्मचारी (CC-1) ने निखिल गुप्ता को सुपारी देकर पन्नू की हत्या की साजिश रचने के लिए कहा था, जिसे प्रॉसिक्यूटर के अनुसार अमेरिकी अधिकारियों ने नाकाम कर दिया था।
