दुनिया

US ने दक्षिणी ईरान में किया बड़ा हमला, IRGC बोट्स और मिसाइल लॉन्च साइट्स को बनाया निशाना

US Strike On Iran: अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में उन ईरानी नौकाओं पर “सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक” की, जो कथित तौर पर समुद्र में माइन्स बिछाने की कोशिश कर रही थीं। साथ ही ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट्स को भी निशाना बनाया गया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा और ईरानी खतरों को निष्क्रिय करने के लिए की गई। यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर और शांति समझौते पर बातचीत जारी है।

Image

अमेरिका का दक्षिणई ईरान में किया बड़ा हमला। AI IMAGE

US Strike On Iran: अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में उन ईरानी नावों को निशाना बनाया जो समुद्र में माइन्स (समुद्री बारूद) बिछाने की कोशिश कर रही थीं। इसके अलावा, ईरान के मिसाइल लॉन्च केंद्रों पर भी बमबारी की गई। यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रवक्ता ने कहा, "यह हमले हमारे सैनिकों की सुरक्षा और ईरानी बलों से मिल रहे सीधे खतरों को बेअसर करने के लिए किए गए हैं।"

यूनाइटेड स्टेट सेंट्रल कमांड के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी बलों ने दक्षिणी ईरान में सेल्फ-डिफेंस स्ट्राइक्स को अंजाम दिया। उन्होंने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने उन खतरों को निष्क्रिय किया जो ईरानी बलों की ओर से पैदा हो रहे थे। अमेरिका मौजूदा सीजफायर के दौरान संयम बरत रहा है, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

अमेरिका ने क्यों किया हमला?

अमेरिकी अधिकारियों ने दावा किया कि इस कार्रवाई की शुरुआत तब हुई जब दो ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नावों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में माइंस बिछाते हुए देखा गया। इतना ही नहीं सेना ने बंदर अब्बास क्षेत्र में एक सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल साइट पर भी हमला किया। अमेरिकी अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस मिसाइल साइट ने अमेरिकी लड़ाकू विमानों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। जवाबी हमले में मिसाइल लॉन्चर और सैन्य ढांचे को तबाह कर दिया गया।

यह पहली बार नहीं है कि जब सीजफायर के बीच अमेरिका ने ईरान पर हमला किया हो। इससे पहले भी सीजफायर के दौरान अमेरिका और ईरानी बलों के बीच झड़प हो चुकी है। मई की शुरुआत में अमेरिकी सेना ने ईरान की उन सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया था, जिन पर अमेरिकी युद्धपोतों पर बिना उकसावे के मिसाइल, ड्रोन और छोटी नावों से हमले करने का आरोप था।

सीजफायर के बीच तनाव

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) को लेकर बातचीत चल रही है। अमेरिकी सेना ने साफ किया कि वे शांति समझौते के दौरान संयम बरत रहे हैं, लेकिन अपने सैनिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेंगे।

यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के ठीक बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान के साथ एक शांति समझौता बेहद करीब है, लेकिन दोनों पक्षों के बीच 'यूरैनियम' को नष्ट करने को लेकर पेंच फंसा हुआ है।

Piyush Kumar
पीयूष कुमार author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

End of Article