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ईरान पर हमले के बाद क्या मुस्लिम देशों से ट्रंप को डर; USA ने दुबई-अबू धाबी में मिशन बंद किए,पाकिस्तान से भी स्टाफ निकाला

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बीच अमेरिका ने ईरानी हमलों की जद में आने वाले खासकर मुस्लिम देशों में अपने दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों को बंद करने और वहां स्टाफ को कम करना शुरू कर दिया है। ईरानी ड्रोन हमलों के बाद जहां अबू धाबी में अमेरिकी दूतावास और दुबई में वाणिज्य दूतावास को बंद कर दिया गया है, वहीं पाकिस्तान के संदर्भ में भी अमेरिका ने बड़ा फैसला लिया है।

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डोनाल्ड ट्रंप

ईरान पर अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमलों के बाद मध्य-पूर्व और दक्षिण एशिया में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं। संभावित विरोध प्रदर्शनों और हमलों के खतरे को देखते हुए अमेरिका ने कई मुस्लिम बहुल देशों में अपने राजनयिक मिशनों की गतिविधियां सीमित कर दी हैं और कर्मचारियों को वापस बुलाना शुरू कर दिया है।

अमेरिकी मिशन ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि सुरक्षा जोखिमों के चलते यह कदम उठाया गया है। बयान के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग ने कराची और लाहौर स्थित कॉन्सुलेट से गैर-जरूरी सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है। हालांकि अभी इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की स्थिति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद क्षेत्र में भारी तनाव है। इसके बाद पाकिस्तान के कई शहरों में अमेरिकी प्रतिष्ठानों के खिलाफ प्रदर्शन हुए थे। अमेरिकी एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है, साथ ही क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण व्यावसायिक उड़ानों में भी बाधा आ रही है।

कराची में हिंसक प्रदर्शन

पाकिस्तान में पहले ही हालात तनावपूर्ण हो चुके हैं। 1 मार्च को कराची में प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की थी। इस दौरान हुई झड़प में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई थी। लाहौर और इस्लामाबाद में भी अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर एडवाइजरी जारी की।

दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमले की भी खबर

इस बीच, अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष के खाड़ी क्षेत्र में फैलने के बाद से संयुक्त अरब अमीरात पर 1,000 से अधिक हमले हुए हैं। यूएई के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह ईरानी हमलों में वृद्धि के खिलाफ आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार का बचाव करेगा। बढ़ते तनाव के बीच, दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर ड्रोन हमले की भी खबर आई है।दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर यह हमला कुवैत और सऊदी अरब में अमेरिकी दूतावासों पर हुए इसी तरह के हमलों के कुछ दिनों बाद हुआ है। इसके चलते अमेरिकी विदेश विभाग ने कुवैत सिटी दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने और रियाद में सभी कांसुलर सेवाओं को रद्द करने की घोषणा की है।

यूएई के लिए भी एडवाइजरी

अमेरिकी सरकार ने संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से देश तुरंत छोड़ने का आह्वान किया है। खाड़ी देशों के लिए लेवल 3 का अलर्ट जारी है। विदेश विभाग द्वारा जारी नवीनतम नोटिस के अनुसार, अबू धाबी, दुबई और अन्य शहरों में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को हवाई यात्रा उपलब्ध न होने की स्थिति में ओमान और सऊदी अरब की जमीनी सीमाओं के माध्यम से देश छोड़ने के लिए कहा गया है। संयुक्त अरब अमीरात में रहने वाले भारतीय नागरिकों के लिए, भारत सरकार ने नागरिकों से अबू धाबी स्थित दूतावास के संपर्क में रहने का आग्रह किया है। भारतीय नागरिकों को "अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने" की भी सलाह दी गई है।

कई देशों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी

ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ने के बाद अमेरिकी विदेश विभाग ने जॉर्डन, बहरीन, इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस सहित कई देशों में भी अपने कर्मचारियों के लिए सुरक्षा निर्देश जारी किए हैं। अमेरिकी एडवाइजरी में यह भी कहा गया है कि क्षेत्र में ईरान की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बना हुआ है और संघर्ष के कारण व्यावसायिक उड़ानों में भी व्यवधान आ सकता है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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