Trump In Davos: PM मोदी के मुरीद हुए डोनाल्ड ट्रंप, भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर दी बड़ी खुशखबरी
- Edited by: अनुराग गुप्ता
- Updated Jan 21, 2026, 10:39 PM IST
Trump In Davos: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी की इज्जत करता हूं। दरअसल, दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर दिए संबोधन के बाद ट्रंप ने भारतीय मीडिया के साथ बातचीत की जिसमें भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर बात की और पीएम मोदी का जमकर तारीफ भी की।
Trump In Davos: PM मोदी के मुरीद हुए डोनाल्ड ट्रंप, भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर दी बड़ी खुशखबरी
Trump In Davos: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक बार फिर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि मैं पीएम मोदी की इज्जत करता हूं। दरअसल, दावोस में विश्व आर्थिक मंच पर दिए संबोधन के बाद ट्रंप ने भारतीय मीडिया के साथ बातचीत की जिसमें भारत के साथ ट्रेड डील को लेकर बात की और पीएम मोदी का जमकर तारीफ भी की।
क्या कुछ बोले डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप ने कहा कि उन्हें पीएम मोदी के प्रति गहरा सम्मान है, वह एक शानदार व्यक्ति हैं और उनके मित्र भी हैं। राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक अच्छा व्यापार समझौता होगा। जब ट्रंप से ट्रेड डील की समय-सीमा को लेकर सवाल किया गया तो अमेरिकी राष्ट्रपति ने इसका कोई सीधा जवाब नहीं दिया और दावोस में अपने अन्य कार्यक्रमों के लिए आगे बढ़ गए।
सनद रहे कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत उस समय से जारी है ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगाया था जिसकी वजह से टैरिफ बढ़कर कुल 50 फीसदी हो गया था। इनमें 25 फीसदी 'रेसिप्रोकल ड्यूटी', जबकि शेष 25 फीसदी रूस से तेल खरीदने को लेकर जुर्माने के तौर पर लगाया गया था।
फिर किया युद्ध रुकवाने का दावा
ट्रंप ने बुधवार को फिर अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने कई अन्य युद्धों की तरह पिछले साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष को रुकवाया था। ट्रंप ने WEF की वार्षिक बैठक में अपने विशेष संबोधन में यह भी कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की आवश्यकता है। उन्होंने इसे भूमि नहीं बल्कि बर्फ का एक विशाल टुकड़ा बताया।
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका, चीन और रूस के बीच स्थित है और इसलिए हमें रणनीतिक कारणों से इसकी आवश्यकता है, न कि बर्फ के नीचे दबे दुर्लभ खनिजों की विशाल मात्रा के लिए।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लोगों से खचाखच भरे सभागार में अपने भाषण की शुरुआत उपस्थित 'बहुत सारे दोस्तों' और 'कुछ दुश्मनों' का अभिवादन करते हुए की। उन्होंने यूरोप, नाटो (उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन), स्वच्छ ऊर्जा के समर्थकों और पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों, जिनमें 'नींद में डूबे' जो बाइडन भी शामिल हैं, पर तीखा हमला किया।
ट्रंप ने पिछले साल 10 मई के बाद से अबतक 80 से अधिक बार भारत-पाकिस्तान सैन्य संघर्ष रुकवाने का श्रेय लेने की कोशिश की है। उनका दावा है कि अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत के बाद दोनों पड़ोसी 'पूर्ण और तत्काल' सैन्य संघर्ष रोकने पर सहमत हो गए थे।