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गर्भवती महिला की बहादुरी: पसली टूटी लेकिन नहीं टूटी हिम्मत, परिवार को बचाने के लिए हमलावर को गोलियों से भूना

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 2, 2023, 11:04 AM IST

America News: स्थानीय न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, महिला का परिवार रिवर मार्केट पार्किंग गैराज में घर वापसी के लिए पैकिंग कर रहा था। इसी दौरान दो हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया। हालांकि, गर्भवती महिला ने हिम्मत नहीं हारी और उसने अपनी बंदूक से हमलावर के गोली मार दी।

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Armed Pregnant Woman Saves family in US

Photo : BCCL

America News: कहते हैं एक स्त्री पर जब खुद पर आती है, तो वह कुछ भी कर सकती है। परिवार के लिए वह त्याग और बलिदान भी करती है, वहीं अगर बात जान पर आ जाए तब भी पीछे वह नहीं हटती। एक ऐसा ही मामला संयुक्त राज्य अमेरिका के अरकंसास से सामने आया है। यहां एक महिला अपने परिवार को बचाने के लिए हमलावरों से तक भिड़ गई।

इतना ही नहीं उसने हमलावर को गोलियों से तक भून डाला, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। महिला का यह रूप देखकर हमलावर का दूसरा साथी ऐसा घबराया कि वहां से भाग खड़ा हुआ। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पार्किंग गैरेज में हुई घटना

जानकारी के मुताबिक, यह परिवार अमेरिकी राज्य टेनेसी के मेम्फिस का रहने वाला था। अपनी बेटी का सातवां जन्मदिन मनाने के लिए महिला अपने पति और दोनों बच्चों के साथ अरकांसस के लिटिल रॉक सिटी में थी। इसी दौरान यह घटना हुई। स्थानीय न्यूज एजेंसियों के मुताबिक, महिला का परिवार रिवर मार्केट पार्किंग गैराज में घर वापसी के लिए पैकिंग कर रहा था। इसी दौरान दो हमलावरों ने उन पर हमला कर दिया।

हमलावरों ने महिला के पति को जमीन पर गिराया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों ने महिला के पति पर हमला किया और उसे पीटने के बाद जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद दूसरे हमलावर ने महिला पर हमला कर दिया। महिला के पति ने बताया, इस हमले में उसकी पत्नी की पसली में फैक्चर हो गया और उसके चेहरे पर भी चोटें आई हैं। हालांकि, महिला ने इसी दौरान अपनी बंदूक निकाली और एक हमलावर की गर्दन में गोली मार दी, जिससे वह वहीं गिर गया। महिला की बहादुरी देख कर दूसरा हमलावर वहां से भाग खड़ा हुआ। महिला के पति ने बताया, एक हमलावर का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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