यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पीएम मोदी से फोन पर बात की है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी को जेलेंस्की ने रूस के साथ शांतिवार्ता पर जानकारी दी। जेलेंस्की के साथ फोन पर बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के भारत के दृढ़ रुख को दोहराया। मोदी सोमवार को चीन के इस शहर में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन से इतर रूसी राष्ट्रपति पुतिन के साथ व्यापक मुद्दों पर बातचीत करने वाले हैं। इस बातचीत में, यूक्रेन संघर्ष पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।
क्या-क्या बात हुई
जेलेंस्की ने मोदी को फोन किया और रूस के शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक के लिए अपनी तत्परता से अवगत कराया तथा कहा कि युद्ध की समाप्ति तत्काल युद्ध विराम के साथ होनी चाहिए। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि भारत यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए आवश्यक प्रयास करने और रूस को उपयुक्त संकेत देने के लिए तैयार है। जेलेंस्की ने मोदी को 18 अगस्त को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई अपनी बैठक के बारे में भी जानकारी दी। यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा- “यह एक उपयोगी और महत्वपूर्ण बातचीत थी, जिसमें वास्तविक शांति प्राप्त करने के लिए साझेदारों के बीच एक साझा दृष्टिकोण सामने आया। यूक्रेन ने रूस के नेतृत्व के साथ बैठक के लिए अपनी तत्परता की पुष्टि की। लगभग दो हफ्ते बीत चुके हैं और इस दौरान, जब रूस को कूटनीति की तैयारी करनी चाहिए थी, तब मॉस्को ने कोई सकारात्मक संकेत नहीं दिया। उसने केवल असैन्य ठिकानों पर निंदनीय हमले किए और हमारे दर्जनों लोगों को मार डाला।”
पीएम मोदी ने क्या कहा
वहीं, मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “आज फोन पर बात करने के लिए राष्ट्रपति जेलेंस्की को धन्यवाद। हमने यूक्रेन संघर्ष, उसके मानवीय पहलू और शांति एवं स्थिरता बहाल करने के प्रयासों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत इस दिशा (संघर्ष के समाधान) में सभी प्रयासों को पूर्ण समर्थन देता है।” भारत की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मोदी ने यूक्रेन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के नयी दिल्ली के “दृढ़ एवं सतत रुख” की पुष्टि की और शांति की शीघ्र बहाली के प्रयासों के प्रति समर्थन जताया। बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस संबंध में हर संभव मदद मुहैया कराने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई। इसमें कहा गया है, “दोनों नेताओं ने भारत-यूक्रेन द्विपक्षीय साझेदारी में प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने आपसी हित के सभी क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के तौर-तरीकों पर भी चर्चा की।”
