US-Ukraine Tension: एक तरफ जहां पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ चुका है, उस बीच शुक्रवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की आलोचना की और उन पर अमेरिका की मांगों को लेकर झूठ बोलने का आरोप लगाया। अमेरिकी राजनयिक ने ईरान युद्ध के बीच अमेरिका को मजबूत करने के लिए जो हथियार कीव को भेजे गए हैं, या भेजे जा रहे हैं, उन्हें वहां से हटाकर पश्चिम एशिया भेजने की भी संभावना जताई है।
इससे पहले, जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में कहा था कि अमेरिका यूक्रेन पर दबाव डाल रहा है कि वह पूर्वी डोनबास क्षेत्र रूस को सौंप दे। रूस ने चार पहले यूक्रेन पर हमला किया था और अब यूक्रेन ने आरोप लगाया कि अगर जंग रोकनी है तो वह रूस को अपना क्षेत्र सौंप दे।...और ऐसा कीव के लिए युद्ध के बाद की सुरक्षा गारंटी को अंतिम रूप देने से पहले किया जाए। हालांकि, रूबियो ने तुरंत यूक्रेनी नेता के इस दावे को खारिज कर दिया। जब पत्रकारों ने उनसे जेलेंस्की की टिप्पणियों के बारे में पूछा, तो रूबियो ने कहा, 'यह झूठ है।'
उन्होंने कहा, 'मैंने उन्हें ऐसा कहते हुए देखा, और, दुर्भाग्य से, वह ऐसा कहेंगे ही, क्योंकि उन्हें पता है कि यह सच नहीं है।' G7 देशों के बीच बातचीत के बाद पेरिस में अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस बार का खंडन किया। उन्होंने कहा, 'उन्हें जो बताया गया, वह बिल्कुल साफ है: सुरक्षा गारंटी तब तक लागू नहीं होंगी, जब तक युद्ध खत्म नहीं हो जाता; क्योंकि अगर ऐसा नहीं होता, तो आप खुद ही युद्ध में शामिल हो जाएंगे।'
उन्होंने कहा, 'यह इस शर्त से जुड़ा नहीं था कि वह अपना इलाका छोड़ दे।' रूबियो ने जेलेंस्की की इस बात के लिए भी आलोचना की कि उन्होंने गलत जानकारी शेयर की। उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं पता कि वह ऐसी बातें क्यों कहते हैं। यह सच नहीं है।'
क्या यूक्रेन का सबसे बड़ा डर सच हो गया?
रूबियो की इन बातों से उस डर की पुष्टि हो गई, जो ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से ही कीव को सता रहा था कि वॉशिंगटन का ध्यान गल्फ की ओर मुड़ने का सीधा फौजी नुकसान यूक्रेन को उठाना पड़ेगा, न कि सिर्फ कूटनीतिक नुकसान, बल्कि हथियारों की कमी भी। इस बीच, NATO के यूरोपीय सदस्य यह पता लगाने की कोशिश में लगे हैं कि क्या वे इस कमी को पूरा कर सकते हैं।
इस हफ्ते जारी हुई NATO की सालाना रिपोर्ट से पता चला कि 2025 में यूरोपीय रक्षा खर्च 20 फीसदी बढ़ गया, लेकिन यूक्रेन को जिन खास इंटरसेप्टर सिस्टम की सबसे ज्यादा ज़रूरत है, उनकी पूरे गठबंधन में ही कमी है।
जेलेंस्की पर किया गया हमला, खास तौर पर रूबियो की तरफ से, काफी चौंकाने वाला था। रूबियो एक पूर्व 'हॉकिश' (कट्टर) सीनेटर रहे हैं, जिन्हें आम तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी लोगों की तुलना में यूक्रेन के पक्ष का ज्यादा समर्थक माना जाता रहा है। हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर जेलेंस्की की आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि जेलेंस्की को कुछ समझौते स्वीकार करने चाहिए।
यूक्रेन से हथियार ले जाएंगे ईरान युद्ध में: रूबियो
वहीं, शुक्रवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूबियो ने कहा कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला किए जाने के बाद, अमेरिका यूक्रेन को दी जाने वाली सहायता को दूसरी तरफ मोड़ने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा, 'अभी तक कुछ भी दूसरी तरफ नहीं मोड़ा गया है, लेकिन ऐसा किया जा सकता है।' उन्होंने आगे कहा, 'अगर हमें अमेरिका के लिए किसी चीज की जरूरत पड़ती है और वह चीज अमेरिकी है, तो हम उसे सबसे पहले अमेरिका के लिए ही रखेंगे।'
