Ukraine Russia War : यूक्रेन की मदद के लिए पश्चिमी देश अब पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। रूस के हमलों से बचाने के लिए वे उसकी मदद करने जा रहे हैं। रूस से जंग जारी रखन के लिए नाटो के ये सदस्य देश उसे तरह-तरह के हथियारों से लैस कर रहे हैं। जर्मनी ने यूक्रेन को 4 Iris-T defence systems डिलिवर कर दिए हैं। ये हाई टेक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम है। जिससे रूस के हवाई हमलों से यूक्रेन के शहरों और जवानों को बचाया जाएगा। इसमें एक एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की कीमत 1100 करोड़ रुपये है। हर मिसाइल सिस्टम में तीन वेहिकल है। एक मिसाइल लॉन्चर, एक रडार और एक फायर कंट्रोल रडार। इसकी मिसाइलों की रेंज 40 किलोमीटर है और 20 किलोमीटर ऊंचाई तक जा सकती है। और इसके रडार की रेंज 250 किलोमीटर है।
अमेरिका से नेसैम्स एयर डिफेंस सिस्टम मिलने वाला है
इसके अलावा यूक्रेन को अमेरिका से नेसैम्स एयर डिफेंस सिस्टम मिलने वाला है। नेसैम्स का पूरा नाम है-नेशनल एडवांस्ड सरफेस टू एयर मिसाइल। ये ड्रोन, हेलीकॉप्टर, क्रूज मिसाइल, लड़ाकू विमानों के हमलों से यूक्रेन को बचाएगा। अमेरिका नेसैम्स का इस्तेमाल वॉशिंगटन डीसी के एयर स्पेस की सुरक्षा और व्हाइट हाउस की सुरक्षा के लिए करता है। इसके रडार की रेंज 120 किलोमीटर है। नेसैम्स को अमेरिका ने भारत को भी बेचने की कोशिश की थी, लेकिन भारत ने इसे रिजेक्ट कर दिया था।
यूक्रेन को एंटी एयरक्राफ्ट AMRAAM मिसाइलें देगा ब्रिटेन
ब्रिटेन ने कहा है कि वो यूक्रेन को एंटी एयरक्राफ्ट AMRAAM मिसाइलें यानी अडवांस्ड मीडियम रेंज एयर टू एयर मिसाइल देगा। जिसे अमेरिका के नेसैम्स एयर डिफेंस सिस्टम में लगाया जा सकता है। ये मिसाइल दुनिया की सबसे बिकने वाली बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल है। अमेरिकी एयरफोर्स और अमेरिकी नेवी के अलावा दुनिया के 33 देश इसका इस्तेमाल करते हैं। इराक और सीरिया के युद्ध में इसका इस्तेमाल हो चुका है।
रडार और एयर डिफेंस सिस्टम देगा फ्रांस
फ्रांस ने भी कहा है कि वो यूक्रेन को रडार और एयर डिफेंस सिस्टम देगा। कनाडा ने कहा कि वो आर्टलरी राउंड और विंटर क्लोदिंग मुहैया करवाएगा। नीदरलैंड ने कहा है कि वो 15 मिलियन यूरो की एंटी एयरक्राफ्ट मिसाइलें देगा। एस्टोनिया ने कहा है कि वो विंटर क्लोदिंग, उपकरण और हथियार यूक्रेन भेज रहा है।
यूक्रेन में बिजली संकट गहराया
इस वक्त यूक्रेन का जोर है कि वो ज्यादा से ज्यादा एयर डिफेंस सिस्टम हासिल करे। क्योंकि रूस के मिसाइल अटैक से यूक्रेन की हालत बहुत खराब हो गई है। रूस की मिसाइलों ने यूक्रेन के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को जिस तरह से नुकसान पहुंचाया, उसे रिपेयर करने में बहुत वक्त लगेगा। रूस के हमलों से यूक्रेन में इस वक्त बिजली का बहुत बड़ा संकट हो गया है। यूक्रेन की 30% आबादी बिना बिजली के है। कीव के इलाके में करीब 300 जगहें ऐसी हैं, जहां बिजली नहीं है। सूमी इलाके में करीब 200 जगहें ऐसी हैं जो अंधेरे में हैं। पश्चिमी यूक्रेन के टरनोपिल इलाके में 100 जगहें ऐसी हैं, जहां बिजली नहीं आ रही।
