Russia Ukraine War: यूक्रेन ने बीती रात रूस की सबसे बड़ी तेल रिफाइनरियों में से एक पर 361 से ज्यादा ड्रोनों से हमला किया, जिससे आग लग गई। रूसी और यूक्रेनी अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। रूस के उत्तर-पश्चिमी लेनिनग्राद क्षेत्र में स्थित किरिशी रिफ़ाइनरी पर बीती रात हुए हमले से हफ्तों पहले भी यूक्रेन ने रूसी तेल अवसंरचना को निशाना बनाया था। संबंधित प्रतिष्ठान हर वर्ष लगभग 1.77 करोड़ मीट्रिक टन या प्रतिदिन 3,55,000 बैरल कच्चे तेल का उत्पादन करता है।
धुएं का उठा गुबार
यूक्रेन के जनरल स्टाफ के अनुसार, घटनास्थल पर विस्फोट और आग लगने की सूचना मिली है। उन्होंने एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें रात के समय आसमान में आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दिखाई देता है। रूसी अधिकारियों ने हमले के परिणामों पर तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
एयर डिफेंस सिस्टम हुआ एक्टिव
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रायटर्स के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने बताया कि रूसी एयर डिफेंस सिस्टम ने कम से कम 361 ड्रोन मार गिराए हैं, इनमें एक अमेरिका निर्मित HIMARS मिसाइल भी शामिल थी। हालांकि, हमलों के स्थान के बारे में कोई विवरण नहीं दिया।
ईंधन की हो गई कमी
रूस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा तेल निर्यातक बना हुआ है, लेकिन मांग में वृद्धि और यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण हाल के सप्ताहों में गैसोलीन की कमी हो गई है। देश के कुछ क्षेत्रों में ईंधन स्टेशनों पर ईंधन की कमी हो गई है और वाहन चालकों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है। इस कमी को कम करने के प्रयास में, रूस ने गैसोलीन के निर्यात पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने 30 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंध और 31 अक्टूबर तक व्यापारियों तथा बिचौलियों को प्रभावित करने वाले आंशिक प्रतिबंध की बुधवार को घोषणा की।
