US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अपने चरम पर है। ऐसे में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) सहित खाड़ी देशों को एक बार फिर युद्ध का डर सताने लगा है। ऐसे में यूएई ने अमेरिका को सैन्य कार्रवाई की जगह कूटनीतिक रास्ता अपनाने की सलाह दी है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई भी सऊदी अरब और कतर के साथ मिलकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कूटनीतिक रास्ता अपनाने की अपील कर रहा है। खाड़ी देशों ने ट्रंप से कहा कि वह ईरान के साथ फिर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के बजाय कूटनीति को एक मौका दें।
खाड़ी देशों को सताने लगा युद्ध का डर
दरअसल, खाड़ी देशों को डर सता रहा है कि अगर फिर से कोई युद्ध छिड़ा तो इससे पूरा इलाका अस्थिर हो जाएगा और उनकी अर्थव्यवस्थाओं को भी खासा नुकसान पहुंचेगा। भले ही यूएई, सऊदी अरब और कतर इस बात पर एकमत न हों कि अमेरिका को ईरान के प्रति कितना सख्त रवैया अपनान चाहिए, लेकिन यह सभी देश एक और युद्ध से बचना चाहते हैं।
तेहरान जा रहे ISI चीफ
इस बीच, पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज़ इंटेलिजेंस (ISI) के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल मुहम्मद आसिम मलिक तेहरान जा रहे हैं। अल अरबिया ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। वहीं, पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ईरान की यात्रा पर हैं। उनकी यात्रा ऐसे समय पर हो रही है जब ईरान अमेरिका के बीच स्थायी शांति के लिए अंतिम ड्रॉफ्ट तैयार हुआ है। हालांकि, इस ड्रॉफ्ट को लेकर अभी अमेरिका ने अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
अराघची से फिर मिले नकवी
पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने तेहरान में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से 24 घंटे के भीतर दूसरी बार मुलाकात की, ताकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को समाप्त करने के उद्देश्य से प्रस्तावित प्रस्तावों पर विचार विमर्श किया जा सके। नकवी बुधवार को बिना किसी पूर्व सूचना के तेहरान पहुंचे थे। एक सप्ताह से भी कम समय में यह उनकी दूसरी यात्रा है, जिसका उद्देश्य ईरान और अमेरिका के बीच मतभेदों को कम करना है।
