ईरान के साथ टकराव के बीच अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा तंत्र में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। दरअसल, अमेरिका के ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के विरोध में देश के शीर्ष आतंकवाद-रोधी अधिकारी जो केंट (Joe Kent) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
क्या है पूरा मामला?
वॉशिंगटन से आई खबर के मुताबिक,नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर (NCTC) के निदेशक जो केंट ने मंगलवार को इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि वे अपने विवेक (good conscience) के साथ इस युद्ध का समर्थन नहीं कर सकते। केंट ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट शब्दों में लिखा कि ईरान अमेरिका के लिए तत्काल खतरा नहीं था। यह युद्ध इजरायल और उसके अमेरिकी लॉबी के दबाव में शुरू किया गया। उनके इस बयान ने अमेरिकी प्रशासन की नीति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस्तीफे से ट्रंप की ईरान नीति पर सीधा सवाल
जो केंट का इस्तीफा इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि वे अमेरिका के शीर्ष आतंकवाद-रोधी विश्लेषण तंत्र के प्रमुख थे। उनका यह कहना कि ईरान से तत्काल खतरा नहीं था, सीधे तौर पर उस तर्क को चुनौती देता है जिसके आधार पर ट्रंप प्रशासन ने युद्ध शुरू किया।यह घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है जब मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तनाव चरम पर है। दोनों पक्षों की ओर से लगातार सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमले हो रहे हैं।
कौन हैं जो केंट?
जो केंट की प्रोफाइल काफी विवादित और चर्चित रही है। वे पूर्व में ग्रीन बेरेट कमांडो रह चुके हैं और 11 बार तैनाती कर चुके हैं। इसके बाद उन्होंने CIA में भी काम किया। इतना ही नहीं केंट राजनीतिक रूप से भी काफी मुखर रहे हैं। उन्होंने वॉशिंगटन राज्य से अमेरिकी कांग्रेस के लिए दो बार चुनाव लड़ा,लेकिन हार गए। जुलाई 2025 में उन्हें 52-44 वोट से NCTC प्रमुख नियुक्त किया गया था।
नियुक्ति का हुआ था विरोध
केंट की नियुक्ति को लेकर भी विवाद हुआ था। डेमोक्रेट्स ने इसका विरोध किया था। उन पर फार-राइट (कट्टर दक्षिणपंथी)संगठनों से संबंध रखने के आरोप भी लगे थे।
