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'10 महीनों में भारत-पाकिस्तान समेत आठ युद्ध रुकवाए'; दावोस में बड़बोले ट्रंप ने फिर किया दावा; बाइडन को कहा- स्लीपी जो

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में विशेष संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि मैंने भारत-पाकिस्तान समेत कई ऐसे युद्ध रोके जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने 10 महीनों में आठ बड़े संघर्ष समाप्त कराए, जिनमें भारत-पाकिस्तान टकराव भी शामिल है।

दावोस में विश्व आर्थिक मंच में ट्रंप ने फिर दोहराया दावा।

दावोस में विश्व आर्थिक मंच में ट्रंप ने फिर दोहराया दावा।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका और इससे लाखों लोगों की जान बचाई। ट्रंप ने कहा कि उनके हस्तक्षेप से दोनों परमाणु संपन्न देश परमाणु युद्ध की ओर बढ़ने से रुक गए।

कई दोस्त और कुछ दुश्मन बोलकर की भाषण की शुरुआत

अपने भाषण की शुरुआत करते हुए ट्रंप ने वहां मौजूद लोगों को “कई दोस्त और कुछ दुश्मन” कहकर संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने यूरोप, नाटो, स्वच्छ ऊर्जा समर्थकों और अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपतियों पर तीखा हमला बोला, जिसमें उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को ‘स्लीपी जो’ कहकर निशाना बनाया।

दावोस में दोहराया पुराना दावा

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में विशेष संबोधन के दौरान ट्रंप ने कहा कि मैंने भारत-पाकिस्तान समेत कई ऐसे युद्ध रोके जो रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल के दौरान उन्होंने 10 महीनों में आठ बड़े संघर्ष समाप्त कराए, जिनमें भारत-पाकिस्तान टकराव भी शामिल है।

ग्रीनलैंड पर क्या बोले ट्रंप

विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में दिए गए विशेष संबोधन में ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की जरूरत रणनीतिक कारणों से है। उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड कोई जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि बर्फ का विशाल क्षेत्र है, जो अमेरिका, चीन और रूस के बीच स्थित है। ट्रंप के मुताबिक, ग्रीनलैंड में दबे दुर्लभ खनिजों के लिए नहीं, बल्कि रणनीतिक स्थिति के कारण अमेरिका उसकी अहमियत समझता है।

‘आठ विमान गिराए गए, हालात बेहद गंभीर थे’

इससे पहले व्हाइट हाउस में आयोजित एक लंबे प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने कहा था कि भारत और पाकिस्तान सच में एक-दूसरे से लड़ रहे थे। आठ विमान गिराए गए। मेरे हिसाब से वे परमाणु युद्ध की ओर बढ़ रहे थे।ट्रंप का दावा है कि अगर यह संघर्ष नहीं रोका जाता, तो एक से दो करोड़ लोगों की जान जा सकती थी।

भारत ने तीसरे पक्ष की भूमिका से किया इनकार

हालांकि, भारत लगातार इस दावे को खारिज करता रहा है। भारत का साफ रुख रहा है कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर तीसरे पक्ष की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाती। इसके बावजूद ट्रंप अब तक करीब 90 बार यह दावा दोहरा चुके हैं कि वाशिंगटन की मध्यस्थता से भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुका।

शिव शुक्ला
शिव शुक्ला author

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभ... और देखें

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