ट्रंप ने पीएम मोदी की लीडरशिप की तारीफ की।(फोटो सोर्स: AP)
Trump Praise PM Modi: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम को रोकने में उनकी टैरिफ नीति ने अहम भूमिका निभाई थी। ट्रंप के मुताबिक, उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि अगर तनाव नहीं थमा, तो अमेरिका व्यापार शुल्क बढ़ा देगा और इसी दबाव के बाद 24 घंटे के भीतर मामला शांत हो गया।
गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “मैंने जिन आठ युद्धों को खत्म किया, उनमें से पांच या छह सिर्फ टैरिफ की वजह से खत्म हुए। भारत और पाकिस्तान जैसे दो परमाणु संपन्न देश लड़ने वाले थे। उनके आठ विमान गिराए गए थे। तब मैंने कहा,"अगर तुम लोग लड़ने वाले हो तो मैं तुम पर टैरिफ लगा दूंगा। इसके 24 घंटे के भीतर सब ठीक हो गया।”
इसी प्रेस ब्रीफिंग में ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए उन्हें “एक महान व्यक्ति” और “सच्चा मित्र” बताया। उन्होंने कहा कि मोदी ने रूस से रक्षा खरीद में कमी की है और इशारा दिया कि वे अगले वर्ष भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। जब उनसे यात्रा की संभावना पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, “ऐसा हो सकता है।”
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी ट्रंप की भारत नीति का बचाव किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भारत-अमेरिका साझेदारी को लेकर “बहुत दृढ़ और सकारात्मक” हैं। हाल ही में उन्होंने ओवल ऑफिस में भारतीय-अमेरिकी अधिकारियों के साथ दिवाली मनाते हुए प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की थी।
बता दें कि पहलगाम हमले के बाद भारत ने सैन्य कार्रवाई 'ऑपरेशन सिंदूर' को अंजाम देते हुए भारत के 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया था। आतंकियों के खात्मे के बाद पाकिस्तान की सेना ने बौखलाकर भारत पर 100 से अधिक ड्रोनों पर हमला किया था। हालांकि, भारत ने सभी ड्रोन ध्वस्त कर दिए थे। दोनों देशों के बीच कुछ दिनों तक सैन्य संघर्ष चला था। भारत ने पाकिस्तान की एयरबेस को ध्वस्त कर दिया। आखिरकार पाकिस्तान ने सीजफायर करने की अपील की। इसके बाद DGMO की मीटिंग के बाद भारत ने संघर्ष विराम का फैसला किया।
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम किसी तीसरे देश की मध्यस्थता से नहीं, बल्कि दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशकों (DGMO) के बीच स्थापित औपचारिक सैन्य चैनलों के जरिए हुआ था। मंत्रालय के अनुसार, भारत का रुख स्पष्ट है। पाकिस्तान के साथ सभी मुद्दे द्विपक्षीय रूप से ही सुलझाए जाएंगे।