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होर्मुज पर अकेले पड़े ट्रंप, ब्रिटेन ने नाकेबंदी योजना को ठुकराया; स्टार्मर बोले- युद्ध में नहीं होंगे शामिल

Hormuz Crisis Deepen: अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज पर तनाव गहराता जा रहा है। इस बीच, ब्रिटेन ने अमेरिका को झटका देते हुए साफ किया कि वह नाकेबंदी वाली योजना का समर्थन नहीं करेगा।

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ब्रिटेन ने अमेरिकी प्लान को ठुकराया (फोटो साभार: AI)

Hormuz Crisis Deepen: अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद वार्ता विफल होने के बाद होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव गहराता जा रहा है। अमेरिका ने होर्मुज पर नाकाबंदी करने की तैयारी बना रहा है, जबकि उसका सहयोगी ब्रिटेन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बातों से इत्तेफाक नहीं रखते हैं और उन्होंने अमेरिका के इस प्लान से खुद को अलग कर लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, होर्मुज में समुद्री यातायात बहाल करने के लिए अमेरिका से अलग फ्रांस और ब्रिटेन एक योजना तैयार कर रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी एपी के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने कहा कि उनका देश और ब्रिटेन उन सहयोगी देशों के साथ एक सम्मेलन आयोजित करेंगे, जो इस मिशन में योगदान देने के इच्छुक हैं। मैक्रों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''होर्मुज में जल्द से जल्द मुक्त और बिना बाधा के नौवहन बहाल करना जरूरी है।''

उन्होंने एक 'शांतिपूर्ण बहुराष्ट्रीय मिशन' की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि यह पूरी तरह रक्षात्मक होगा और संघर्ष में शामिल पक्षों से अलग रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिस्थितियां अनुकूल होते ही इस मिशन को तैनात किया जाएगा।

क्या ट्रंप के साथ है ब्रिटेन?

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर (Keir Starmer) ने सोमवार को साफ किया कि ब्रिटेन ट्रंप की नाकेबंदी योजना का समर्थन नहीं करेगा। लंदन में बीबीसी रेडियो से बातचीत में स्टार्मर ने कहा, ''हम इस नाकेबंदी का समर्थन नहीं कर रहे हैं औऱ हम किसी युद्ध में घसीटे नहीं जाना चाहते हैं।''

संघर्ष खत्म होने के बाद US कीमदद करेंगे स्टार्मर!

स्टार्मर ने कहा कि ब्रिटेन का मुख्य फोकस होर्मुज को दोबारा खोलने पर है, क्योंकि इसके बंद होने से तेल और अन्य वस्तुओं की कीमतों में तेज उछाल आया है। स्टार्मर की यह टिप्पणी ट्रंप के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि ब्रिटेन होर्मुज में माइन स्वीपर जहाज भेजेगा। हालांकि, ब्रिटेन ने कहा कि वह समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंग हटाने में मदद कर सकता है, लेकिन वह काम तभी किया जाएगा जब क्षेत्र में संघर्ष समाप्त हो जाएगा।

सनद रहे कि फ्रांस और ब्रिटेन पिछले कुछ समय से ऐसे ऑपरेशन की योजना पर काम कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र में तनाव खत्म होने के बाद जहाजों का आवागमन सुरक्षित तरीके से फिर शुरू हो सके।

Anurag Gupta
अनुराग गुप्ताauthor

अनुराग गुप्ता टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं और मीडिया में 9 वर्षों का अनुभव रखते हैं। जर्नलिज़्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से ही वे न्यूजरूम के विभिन्न आयामों—कॉपी एडिटिंग, कंटेंट क्यूरेशन और रियल-टाइम न्यूज मॉनिटरिंग में दक्षता के साथ काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और ब्रेकिंग न्यूज पर उनकी मजबूत पकड़ है। अनुराग खबरों की बारीकियों को समझने, फैक्ट चेकिंग और स्टोरी के अहम पहलुओं को पाठकों तक सरल भाषा में पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अब तक 10 हजार से अधिक खबरें प्रकाशित की हैं, जिनमें ब्रेकिंग अपडेट्स, एनालिटिकल कंटेंट, स्पेशल स्टोरीज और न्यूज एक्सप्लेनर्स शामिल हैं।

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