मध्य पूर्व में लंबे समय से जारी भीषण युद्ध और मानवीय संकट के बीच एक बड़ी सफलता सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को घोषणा की कि गाजा पट्टी में सक्रिय हमास और अन्य सभी सशस्त्र गुटों के 'पूर्ण निरस्त्रीकरण' को लेकर एक बड़ा समझौता हो गया है। इसके साथ ही गाजा से इजरायली रक्षा बलों (IDF) की चरणबद्ध वापसी का रास्ता भी बेहतर हो गया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस समझौते को शांति और सुरक्षा की दिशा में एक "ऐतिहासिक कदम" करार दिया।
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि यह समझौता अचानक लागू न होकर योजनाबद्ध चरणों में पूरा किया जाएगा। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा यह समझौता बहुत ही सावधानीपूर्वक तैयार किए गए चरणों में लागू किया जाएगा। जैसे-जैसे निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी, वैसे-वैसे इजरायली सेना पीछे हटेगी। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण सेना (International Stabilization Force) एक नई फिलिस्तीनी पुलिस टीम के साथ मिलकर काम करेगी ताकि गाजा अपने नागरिकों और पड़ोसियों के लिए सुरक्षित बन सके।
'बोर्ड ऑफ पीस' और नई फिलिस्तीनी सरकार की भूमिका
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, यह उपलब्धि गाजा के लिए तैयार किए गए उनके 20-सूत्रीय शांति रोडमैप का एक प्रमुख मील का पत्थर है। इस योजना की निगरानी खुद डोनाल्ड ट्रंप की अध्यक्षता वाला 'बोर्ड ऑफ पीस' कर रहा है।
समझौते के तहत, गाजा का शासन अंततः एक नई फिलिस्तीनी सरकार के हाथों में होगा, जो स्थानीय आबादी की मदद के लिए बोर्ड ऑफ पीस के साथ मिलकर काम करेगी। गौरतलब है कि हमास ने लगभग दो दशकों के बाद बीते 6 जुलाई को ही गाजा में अपनी नागरिक सरकार को भंग करने की घोषणा की थी।
मध्यस्थ देशों का जताया आभार
इस ऐतिहासिक कूटनीतिक मोड़ को हासिल करने में मिस्र, कतर और तुर्की ने मध्यस्थ के रूप में मुख्य भूमिका निभाई है। मिस्र की राजधानी काहिरा में हमास के शीर्ष नेताओं और मध्यस्थों के बीच हुई वार्ता के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ट्रंप ने इन तीनों देशों की टीमों और अपने प्रशासनिक अधिकारियों को इस "ऐतिहासिक सफलता" का श्रेय देते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
