ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने एक हमले में सेना के शीर्ष अधिकारी के मारे जाने की पुष्टि की है। आईआरजीसी के अनुसार, सेना के ब्रिगेडियर जनरल और चीफ ऑफ द जनरल स्टाफ के सलाहकार जमशेद इशाकी का निधन हो गया है। यह घटना नेवी कमांडर एडमिरल अलीरेजा तंगसीरी की मौत के बाद हुई है। इस हमले में ब्रिगेडियर जनरल के साथ उनके परिवार के पांच सदस्य भी मारे गए हैं।
इशाकी के घर हमले की जांच जारी
अल जजीरा ने आईआरजीसी के हवाले से इसकी जानकारी दी। एक अधिकारी ने बताया कि जनरल ने एक टॉप सलाहकार के तौर पर बहुत ही शानदार सेवा दी थी। अधिकारी फिलहाल ब्रिगेडियर जनरल इशाकी के घर पर हुए हमले की जानकारी की जांच कर रहे हैं। आज औपचारिक घोषणा के दौरान एक प्रवक्ता ने कहा कि हम अपने स्टाफ के एक बहुत बड़े नुकसान का शोक मना रहे हैं।
कौन थे जनरल इशाकी ?
बयान में कहा गया है कि इशाकी उन प्रमुख नेताओं में से एक थे जिन्होंने 1979 में क्रांति की जीत के बाद से ईरानी शासन की सेवा में अपना जीवन व्यतीत किया, और सशस्त्र बलों की क्षमताओं को मजबूत करने और रक्षा प्रणाली के विकास में योगदान देने में उनकी भूमिका प्रशंसनीय रही।
इशाकी ने ईरान की सशस्त्र सेनाओं के जनरल स्टाफ (AFGS) में बजट और वित्तीय मामलों के प्रमुख के रूप में कार्य किया। इस भूमिका में वे सैन्य वित्त और बजट प्रबंधन, विशेष रूप से रक्षा परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए तेल संसाधनों के उपयोग की निगरानी करते थे।
हाल ही में कई ईरानी अधिकारियों की हुई है मौत
यह घटना तब सामने आई है जब कुछ ही समय पहले ईरान के नौसेना कमांडर एडमिरल अलीरेज़ा तंगसीरी की मौत एक हमले में हो चुकी है। इजराइल ने दावा किया था कि तंगसीरी तटीय सुरक्षा तैयारियों का निरीक्षण कर रहे थे, तभी उन पर सटीक हमला किया गया।
इसी महीने ईरान के सुरक्षा ढांचे को कई बड़े झटके लगे। जिनमें सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई,शक्तिशाली सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भी हमलों में मौत हो चुकी है। ऐसे में अब जनरल इशाकी की हत्या को ईरान के लिए एक और बड़ा झटका माना जा रहा है, जो पहले से जारी हमलों और क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाला है।
