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ये हैं टॉप 10 सबसे एडवांस्ड एयर-डिफेंस रडार, भारत ने इस लिस्ट में गाड़ रखें हैं झंडे

हम टॉप एयर डिफेंस रडार की बात कर रहे हैं और इसमें भारत ने इसलिए झंड़े गाड़ रखे हैं, क्योंकि वह एक दो नहीं 3 महान रडार के साथ देश की सुरक्षा करता है। S-400 से लेकर अमेरिका के THAAD और Patriot, साथ ही भारत के AMAR और Akash-1S तक इस लिस्ट में हैं।

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S-400 दुनिया के सबसे एडवांस्ड एयर-डिफेंस सिस्टम में से एक है, जिसकी रेंज लगभग 400 km है। (विकिपीडिया)

Most Advanced Air Defense Radars: मॉडर्न एयर-डिफेंस रडार ज्यादा तेज, स्मार्ट और उनसे बच पाना मुश्किल होता जा रहा है। रूस के S-400 से लेकर अमेरिका के THAAD और Patriot, साथ ही भारत के AMAR और Akash-1S तक, नए AESA सिस्टम ज्यादा सटीकता के साथ ज्यादा टारगेट को ट्रैक करते हैं। भविष्य के अपग्रेड में AI और फोटोनिक सटीकता आ सकती है। हम टॉप एयर डिफेंस रडार की बात कर रहे हैं और इसमें भारत ने इसलिए झंड़े गाड़ रखे हैं, क्योंकि वह एक दो नहीं 3 महान रडार के साथ देश की सुरक्षा करता है।

S-400 Triumf - 600 किलोमीटर डिटेक्शन, 300 एक साथ ट्रैक

रूस के S-400 में 91N6E 'बिग बर्ड' L-बैंड रडार है जिसमें 600 किलोमीटर लंबी दूरी तक निगरानी करने की क्षमता है। यह 150 किलोमीटर की एंटी-स्टील्थ टारगेटिंग रेंज के साथ एक साथ 300 टारगेट को ट्रैक करता है। बैलिस्टिक टारगेट के लिए, हाई प्रिसिजन फायर-कंट्रोल एक्यूरेसी के साथ मैक्सिमम रेंज 230 किलोमीटर तक पहुंचती है।

THAAD AN/TPY-2 - 1,000 किलोमीटर ट्रैकिंग रेंज

USA का टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस AN/TPY-2 रडार का इस्तेमाल करता है जो 1,000 किलोमीटर टारगेट ट्रैकिंग रेंज हासिल करता है। काइनेटिक किल-व्हीकल प्रिसिजन के साथ 16 टेस्ट फायरिंग में 16-इंटरसेप्ट सक्सेस रेट दिखाता है। पैट्रियट, एजिस और सैटेलाइट सिस्टम के साथ इंटरऑपरेट करता है, जिससे लेयर्ड डिफेंस कवरेज काफी बढ़ जाता है।

Patriot PAC-3 - हिट-टू-किल डायरेक्ट कॉन्टैक्ट इंटरसेप्शन

USA का पैट्रियट एडवांस्ड कैपेबिलिटी-3, AN/MPQ-53 फेज्ड ऐरे रडार का इस्तेमाल करता है, जो सीधे बॉडी-टू-बॉडी इम्पैक्ट की सटीकता देता है। हिट-टू-किल टेक्नोलॉजी, फ्रैगमेंटेशन वॉरहेड्स की तुलना में बहुत ज्यादा काइनेटिक एनर्जी देती है। अपग्रेडेड LTAMDS वेरिएंट में हाइपरसोनिक खतरों के खिलाफ बेहतर ट्रैकिंग सटीकता के साथ बड़ा AESA रडार है।

AN/APG-77 F-22 रैप्टर - एक साथ कई टारगेट पर नजर रखना

लॉकहीड मार्टिन का AN/APG-77 एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड ऐरे बहुत ही सटीकता के साथ एक साथ कई टारगेट पर नजर रखता है। एडवांस्ड सिग्नल प्रोसेसिंग से एक साथ ट्रैक-व्हाइल-स्कैन की सुविधा मिलती है। इंटरसेप्ट वेवफॉर्म की कम संभावना जैमिंग को हराती है और स्टेल्थ बनाए रखती है।

AMAR - भारत का स्वदेशी मल्टी-फंक्शन AESA रडार

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का एडवांस्ड मल्टी-फंक्शन AESA रडार सर्विलांस, ट्रैकिंग और रैपिड रिस्पॉन्स क्षमताओं को जोड़ता है। स्वदेशी डिजाइन एयर डिफेंस के लिए हाई-एक्यूरेसी टारगेट ट्रैकिंग देता है। सटीक टारगेटिंग के साथ महत्वपूर्ण भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर की रक्षा करने के लिए प्रूवन ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट देता है।

EL/M-2248 MF-STAR - इजरायली AESA 360-डिग्री कवरेज

इजराइल का EL/M-2248 मल्टी-फंक्शन सर्विलांस और टारगेट एक्विजिशन रडार फेज्ड ऐरे एक्यूरेसी के साथ पूरी 360-डिग्री कवरेज देता है। एडवांस्ड सिग्नल प्रोसेसिंग छोटे बिना ड्राइवर वाले वाहनों का पता लगाने में मदद करता है। बेहतर रिस्पॉन्स क्षमता के लिए वर्टिकल लॉन्च सरफेस-टू-एयर मिसाइल सिस्टम को इंटीग्रेट करता है।

आकाश-1S प्राइम - स्वदेशी एक्टिव RF सीकर एन्हांसमेंट

भारत के आकाश-1S प्राइम एयर डिफेंस सिस्टम में स्वदेशी एक्टिव RF सीकर लगे हैं जो फुर्तीले ड्रोन टारगेट के खिलाफ सटीकता को बेहतर बनाते हैं। ऑटोनॉमस एंगेजमेंट रिएक्शन टाइम को काफी कम कर देता है। सटीक हिट-टू-किल क्षमता के साथ कई ऑपरेशनल डिप्लॉयमेंट में असरदार साबित हुआ है।

LTAMDS - एडवांस्ड पैट्रियट AESA अपग्रेड प्रोग्राम

USA का लॉन्ग रेंज एयर डिफेंस सेंसर पुराने पैट्रियट सिस्टम की जगह बड़ा AESA रडार इस्तेमाल करता है, जिससे डिटेक्शन एक्यूरेसी बढ़ जाती है। प्राइमरी AESA यूनिट को दो सेकेंडरी रडार नोड्स के साथ मिलाकर कवरेज और रिडंडेंसी बढ़ाता है। खास तौर पर हाइपरसोनिक मिसाइल खतरों को हराने के लिए डिजाइन किया गया है।

ग्रिपेन NG AESA रडार - फाइटर रडार प्रिसिजन

स्वीडन के ग्रिपेन NG फाइटर में रेवेन ES-05 AESA रडार है जो 200+ किलोमीटर डिटेक्शन रेंज के साथ एक साथ कई टारगेट की ट्रैकिंग करता है। एडवांस्ड सिग्नल प्रोसेसिंग पिछले रडार की तुलना में 5 गुना ग्राउंड रिजॉल्यूशन में सुधार करता है। दुनिया भर के कई देशों में ऑपरेशनल है।

भविष्य में AESA में तरक्की - फोटोनिक इंटीग्रेशन और AI प्रोसेसिंग

अगली पीढ़ी के एयर-डिफेंस रडार फोटोनिक कंपोनेंट को इंटीग्रेट करते हैं, जिससे सब-वेवलेंथ एक्यूरेसी में सुधार होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एल्गोरिदम टारगेट क्लासिफिकेशन और थ्रेट असेसमेंट को बेहतर बनाते हैं। क्वांटम रडार डेवलपमेंट 2030-2035 तक क्रांतिकारी क्षमता में तरक्की का वादा करते हैं।

 Nitin Arora
Nitin Arora author

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदे... और देखें

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