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मेहुल चोकसी का एंटीगुआ में अपहरण किए जाने का कोई सबूत नहीं... बेल्जियम कोर्ट ने किया भारत भेजने का रास्ता साफ

चोकसी 2018 से एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा है और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े घोटाले में वांछित है। वह मई 2021 में एंटीगुआ और बारबुडा से लापता हो गया था और पड़ोसी द्वीप डोमिनिका में पाया गया था। चोकसी ने आरोप लगाया था कि उसे एंटीगुआ और बारबुडा से अपहरण कर डोमिनिका ले जाया गया था।

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भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी पर आया बेल्जियम की अदालत का फैसला। Photo-ANI

Mehul Choksi Extradition: बेल्जियम की एक अदालत ने फैसला सुनाया है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को प्रत्यर्पण के बाद भारत में निष्पक्ष सुनवाई नहीं मिलने का कोई खतरा नहीं है। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि चोकसी यातना, अमानवीय या अपमानजनक व्यवहार का कोई गंभीर खतरा साबित करने में विफल रहा है। एंटवर्प स्थित अपील न्यायालय के चार सदस्यीय अभियोग कक्ष ने 29 नवंबर, 2024 को एंटवर्प जिला न्यायालय के पूर्व-परीक्षण कक्ष द्वारा जारी किए गए आदेशों में कोई खामी नहीं पाई है, जिसमें चोकसी के प्रत्यर्पण की अनुमति दी गई थी।

जिला न्यायालय ने मुंबई की एक विशेष अदालत द्वारा 23 मई, 2018 और 15 जून, 2021 को जारी किए गए गिरफ्तारी वारंट को प्रवर्तनीय करार दिया था, जिसे अपील न्यायालय ने 17 अक्टूबर के अपने आदेश में बरकरार रखा है। सबूतों के गायब होने से संबंधित तीसरा वारंट बेल्जियम की अदालत ने स्वीकार नहीं किया। अपील न्यायालय ने माना है कि चोकसी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज उसके इस दावे की पुष्टि नहीं करते कि वह राजनीतिक मुकदमे का विषय है। उसने कहा कि यह चोकसी पर निर्भर है कि वह ऐसे ठोस आधार प्रस्तुत करे जिससे यह माना जा सके कि प्रत्यर्पण पर दुर्व्यवहार का वास्तविक जोखिम है।

साथ ही बेल्जियम की अदालत ने निष्कर्ष निकाला है कि भगोड़े हीरा व्यापारी मेहुल चोकसी को 2021 में एंटीगुआ और बारबुडा में अपहरण कर डोमिनिका ले जाया गया था, इसका कोई सबूत नहीं है।अदालत ने चोकसी द्वारा अपने अपहरण में कथित संलिप्तता के लिए एक भारतीय व्यवसायी के खिलाफ दायर मुकदमे को खारिज कर दिया।

एंटीगुआ और बारबुडा से डोमिनिका

चोकसी 2018 से एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा है और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से जुड़े घोटाले में वांछित है। वह मई 2021 में एंटीगुआ और बारबुडा से लापता हो गया था और पड़ोसी द्वीप डोमिनिका में पाया गया था।

चोकसी ने आरोप लगाया था कि उसे एंटीगुआ और बारबुडा से अपहरण कर डोमिनिका ले जाया गया था, जहां उसे प्रताड़ित किया गया था। उसने अपने अपहरण में भारतीय व्यवसायी नवल किशोर शर्मा और अन्य लोगों के शामिल होने का भी आरोप लगाया था।

हालांकि, बेल्जियम की अदालत ने कहा कि चोकसी के अपहरण के समर्थन में कोई सबूत नहीं है। अदालत ने यह भी कहा कि इस बात का कोई सबूत नहीं है कि शर्मा चोकसी के अपहरण में शामिल थे।

'चोकसी के आरोप झूठे'

अदालत के फैसले के बाद, शर्मा के वकील ने कहा कि वह फैसले का स्वागत करते हैं और यह साबित करता है कि चोकसी के आरोप झूठे थे।

चोकसी के वकील ने कहा कि वे अदालत के फैसले से निराश हैं और वे अपील करने पर विचार कर रहे हैं। चोकसी वर्तमान में एंटीगुआ और बारबुडा में जमानत पर है। वह पीएनबी घोटाले में भारत में मुकदमे का सामना कर रहा है।

Nitin Arora
नितिन अरोड़ाauthor

नितिन अरोड़ा टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया में उनका 6 वर्षों का अनुभव है। वह राजनीति, देश–विदेश की बड़ी घटनाओं और समसामयिक मुद्दों को गहराई से समझकर उन्हें सटीक और सरल भाषा में प्रस्तुत करने में माहिर हैं। उन्होंने अपने करियर में लगातार करंट अफेयर्स, पॉलिटिकल डेवलपमेंट्स, डिप्लोमैटिक घटनाएं और डिफेंस सेक्टर से जुड़े विषयों पर प्रभावशाली कॉन्टेंट तैयार किया है और अबतक 6 हजार से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं। विभिन्न टॉपिक्स पर एक्सप्लेनेर, डेटा-आधारित रिपोर्ट्स और विश्लेषणात्मक कॉपी लिखने में उनकी मजबूत पकड़ है।

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