Thailand Childcare Center Shooting : पूर्वोत्तर थाईलैंड के एक डे केयर सेंटर में गुरुवार को एक पूर्व पुलिसकर्मी ने गोलीबारी की। जिसमें अब तक 37 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में ज्यादातर बच्चे थे। बाद में हमलावर ने खुद की जान लेने से पहले अपनी पत्नी और बच्चे की हत्या कर दी। यह हाल के थाई इतिहास में सबसे बड़ी गोलीबारी थी। बैंकॉक से करीब 500 किलोमीटर उत्तर में नोंग बुआ लाम फु प्रांत के उथैसावां में दोपहर करीब 12.30 बजे एक बन्दूक, पिस्तौल और चाकू से लैस हमलावर ने चाइल्ड केयर सेंटर घुसा और गोलियां बरसानी शुरू कर दी। हमले के बाद हमलावर अपने घर गया। वहां वह पहले अपनी पत्नी और बेटी गोली मारी फिर खुद को गोली मार कर खुदकुशी कर ली।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि डे केयर के कर्मी ने जब बंदूकधारी हमलावर को देखा तो उसने दरवाजा बंद कर लिया, लेकिन हमलावर गोली चलाते हुए अंदर घुस गया। पुलिस प्रवक्ता अर्चयोन क्राइथोंग के मुताबिक हमले में कम से कम 37 लोगों की मौत हुई है और 12 अन्य लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि मारे गए लोगों में 24 बच्चे हैं जिनमें से अधिकतर प्री स्कूल में पढ़ने वाले हैं। एक प्रत्यशदर्शी ने थाईलैंड के कोम चाड ल्यूक टेलीविजन को घटनास्थल पर बताया, हमले में मारी गई एक शिक्षिका की गोद में घटना के समय बच्चा था।
थाई पुलिस ने बताया कि हमलवार ने मौके से फरार होने से पहले 19 लड़कों, तीन लड़कियों और दो वयस्कों की हत्या कर दी। घटना की सोशल मीडिया पर आई तस्वीरों में प्री स्कूल के कमरे में खून से सने गद्दे फर्श पर पड़े दिखाई दिए। पुलिस ने बताया कि दो बच्चों और 10 वयस्कों की मौत चाइल्ड केयर सेंटर के बाहर हुई है। मृतकों में संदिग्ध हमलावर, उसकी पत्नी और बेटा भी शामिल है। वीडियो में बच्चों के परिवार के सदस्य प्री स्कूल की इमारत के बाहर विलाप करते दिख रहे हैं। एंबुलेंस खड़ी हैं और पुलिस और मेडिकल कर्मी स्कूल के मैदान में दिखाई दे रहे हैं। थाईलैंड मीडिया की खबरों के अनुसार, हमलावर ने हमले में चाकू का भी इस्तेमाल किया।
पुलिस मेजर जनरल पैसल लुइसोमबून ने एसोसिएटठेड प्रेस को बताया कि संदिग्ध ने मौके से फरार होते वक्त भी कार से गोलीबारी जारी रखी, जो कई लोगों को लगी है। डेली न्यूज की खबर के अनुसार, हमला करने के बाद हमलवार अपने घर गया और वहां उसने अपनी पत्नी व बच्चे की हत्या करने के बाद खुद की भी जान ले ली।
गौर हो कि थाईलैंड में अमेरिका और ब्राजील के मुकाबले गोलीबारी से मौतों की संख्या कम है, लेकिन जापान और सिंगापुर जैसे देशों के मुकाबले अधिक है जहां पर सख्त बंदूक नियंत्रण कानून लागू हैं।
