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सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान का हमला, 10 अमेरिकी सैनिक घायल, ड्रोन-मिसाइलों से बनाया निशाना

अमेरिकी मिलिट्री क्लासिफिकेशन सिस्टम के हवाले से कहा गया है कि घायलों में दो की हालत ज्यादा नाजुक है जबकि आठ को गंभीर चोटें आई हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस सेंट्रल कांड के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।

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सऊदी अरब में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला।

Photo : ANI

Prince Sultan Air Base : पश्चिम एशिया में युद्ध तेज होता जा रहा है। सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हुए एक हमले में अमेरिकी सेना के 10 सैनिक घायल हुए हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने मिसाइल एवं ड्रोन से इस सैन्य बेस को निशाना बनाया। रिपोर्ट में अमेरिकी मिलिट्री क्लासिफिकेशन सिस्टम के हवाले से कहा गया है कि घायलों में दो की हालत ज्यादा नाजुक है जबकि आठ को गंभीर चोटें आई हैं। सीबीएस न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक यूएस सेंट्रल कांड के एक प्रवक्ता ने बताया कि अमेरिका-ईरान संघर्ष में अब तक 300 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं।

G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में क्या बोले रूबियो

यह घटनाक्रम उस बयान के एक दिन बाद सामने आया, जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा था कि अमेरिका ईरान के खिलाफ युद्ध में अपने सैन्य उद्देश्यों को 'बिना किसी जमीनी सेना' के भी हासिल कर सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान के साथ बातचीत भी जारी है। रूबियो ने G7 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, 'हम उनकी नौसेना को नष्ट कर देंगे, हम उनकी वायुसेना को नष्ट कर देंगे, और हम उनके मिसाइल लॉन्चरों को काफी हद तक खत्म कर देंगे ताकि वे इनका इस्तेमाल कर परमाणु हथियार हासिल करने के लिए छिप न सकें।'

82वीं एयरबोर्न डिविजन की तैनाती की बात

उन्होंने आगे कहा, 'हम इन सभी उद्देश्यों को हासिल कर रहे हैं; ज्यादातर मामलों में हम तय समय से आगे हैं, और हम इन्हें बिना किसी जमीनी सेना के, बिना किसी (ग्राउंड ट्रूप्स) के पूरा कर सकते हैं।' रूबियो का यह बयान उस समय आया जब रिपोर्ट्स में मध्य पूर्व में अतिरिक्त सैनिकों—खासतौर पर प्रसिद्ध 82वीं एयरबोर्न डिविजन की तैनाती की बात कही गई।

10,000 सैनिक भेज सकता है यूएस

द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार,डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन मध्य पूर्व में अतिरिक्त 10,000 सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है, जिनमें कम से कम 5,000 अमेरिकी मरीन और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों पैराट्रूपर्स शामिल हो सकते हैं। इन संभावित तैनातियों से लंबे युद्ध की अटकलें तेज होने के बीच, रूबियो ने शुक्रवार को लंबा संघर्ष होने की आशंकाओं को खारिज किया। G7 समकक्षों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि अमेरिका 'इस ऑपरेशन में तय समय के अनुसार या उससे आगे है, और इसे उचित समय पर कुछ हफ्तों में, महीनों में नहीं, पूरा करने की उम्मीद है।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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