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'Telegram देश के लिए खतरा', यूक्रेन ने बैन किया एप्लीकेशन; रूस पर लगाया आरोप

Telegram Ban: यूक्रेन की वोलोदिमिर जेलेंस्की सरकार ने टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। आदेश में कहा गया है, कोई भी सरकारी और सेना का अधिकारी टेलीग्राम का इस्तेमाल नहीं करेगा।

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यूक्रेन ने Telegram को किया बैन

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Telegram Ban: यूक्रेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम (Telegram) पर बैन लगाने का फैसला किया है। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की सरकार ने ये फैसला लिया है। बता दें, रूस और यूक्रेन में धड़ल्ले से टेलीग्राम का इस्तेमाल होता है। बता दें कि टेलीग्राम के 900 मिलियन यूजर्स हैं। यूक्रेन का कहना है कि यह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म सरकारी और सेना के अधिकारियों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। यूक्रेन का दावा है कि टेलीग्राम के जरिए रूस उसके देश पर जासूसी कर रहा है। यूक्रेन का कहना है कि सरकारी और सेना के अधिकारियों का टेलीग्राम इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि रूस इसका इस्तेमाल जासूसी के लिए कर सकता है। शुक्रवार को यूक्रेन के नेशनल सिक्योरिटी ऐंड डिफेंस काउंसिल ने इसका ऐलान किया है। इससे पहले यूक्रेन की जीयूआर मिलिटरी इंटेलिजेंस एजेंसी ने बताया था कि किस तरह रूस इस प्लेटफॉर्म में सेंध लगाने में सक्षम है।

नेशनल सिक्योरिटी ऐंड डिफेंस काउंसिल ने किया बैन का एलान

यूक्रेन के नेशनल सिक्योरिटी ऐंड डिफेंस काउंसिल ने इसका एलान किया है। कुछ दिनों पहले यूक्रेन की जीयूआर मिलिटरी इंटेलिजेंस एजेंसी ने बताया था इस प्लेटफॉर्म के जरिए रूस, यूक्रेन पर जासूसी कर रहा है। यूक्रेन का कहना है कि यह प्रतिबंध राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। बता दें कि रूस और यूक्रेन, दोनों देशों में धड़ल्ले से टेलीग्राम का उपयोग किया जाता है।

रूस-यूक्रेन जंग की जानकारी साझा करने के लिए रूस और यूक्रेन सरकार इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करती आई है। टेलीग्राम की स्थापना रूसी मूल के पावेल डुरोव ने की थी। पिछले महीने टेलीग्राम फाउंडर और सीईओ पावेल डुरोव फ्रांस में गिरफ्तार किया गया था। लोकप्रियता के बावजूद कंटेंट मॉडरेशन को लेकर चिंताओं के कारण टेलीग्राम को कई देशों में प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है।

Shashank Shekhar Mishra
Shashank Shekhar Mishraauthor

शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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