US Iran War: अमेरिका-ईरान संघर्ष में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज 'जल' रहा है। एक तरफ जहां दोनों देशों के बीच शांति वार्ता की बात चल रही है। वहीं, दूसरी ओर ईरान लगातार स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी 'दादागिरी' दिखा रहा है। ईरानी शिपिंग डेटा के मुताबिक पिछले 12 घंटों में होर्मुज से केवल तीन जहाजों निकल पाई हैं। इस दौरान फारस की खाड़ी से केवल एक टैंकर, ‘नेरो’ बाहर निकला है, जबकि दो अन्य जहाजों ने खाड़ी में प्रवेश किया है।
ईरान ने भारतीय जहाजों को बनाया निशाना
इससे पहले ईरानी नेवी ने शनिवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait Of Hormuz) से गुजरने की कोशिश कर रहे भारतीय झंडे वाले दो जहाजों पर गोली चला दी जिस कारण जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस घटना ने तनाव और बढ़ा दिया और ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से पूरी तरह बंद करने की घोषणा कर दी।
सरकार ने जारी की एडवाइजरी
वहीं, भारतीय झंडे वाले सभी जहाजों को नई चेतावनी दी गई है कि वे फारस की खाड़ी में फंसे रहकर लारक द्वीप के पास न जाएं। सिर्फ नौसेना की इजाजत मिलने पर ही आगे बढ़ें। भारतीय नौसेना सभी भारतीय जहाजों की सुरक्षा को सबसे पहले रख रही है।
बताते चलें कि अभी 14 भारतीय जहाज फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। होर्मुज पार करने का इंतजार कर रहे हैं। नौसेना इन जहाजों से लगातार संपर्क में है। उन्हें सुरक्षित रहने की सलाह दे रही है।
कच्चे तेल की दाम में बढ़ोतरी
होर्मुज में जारी तनाव की असर कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों पर भी पड़ा है। ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) 7.9 प्रतिशत तक बढ़कर 97.5 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट यानी WTI भी करीब 8 प्रतिशत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।
शुक्रवार को तेल की कीमतों में गिरावट आई थी जब ईरान ने कहा था कि सीजफायर (US Iran Ceasefire) के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज व्यापारिक जहाजों के लिए खुला रहेगा। लेकिन 24 घंटे बाद ईरान ने इसे बंद करने की घोषणा कर दी। उसने कहा कि अमेरिका ने उन जहाजों को रोका जो ईरानी बंदरगाहों से निकले थे और सीजफायर का उल्लंघन कर रहे थे।
