US Iran Israel War: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शुक्रवार (स्थायी समयानुसार) को कहा कि ईरान में ग्राउंड ऑपरेशन किए बगैर अमेरिका अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकता है। रूबियो का यह बयान ऐसे समय आया है जब ऐसी रिपोर्टें हैं कि मध्य पूर्व में राष्ट्रपति ट्रंप अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर रहा है। वॉल स्ट्रीट जनरल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप मध्य पूर्व में 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को भेजने की योजना बना रहे हैं। रिपोर्टें यह भी हैं कि ईरान के खर्ग द्वीप पर अपना नियंत्रण करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति जमीनी मिशन की मंजूरी दे सकते हैं। इस बीच, सऊदी अरब के सैन्य बेस पर ईरान के हमले में 10 अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं, इनमें से दो की हालत नाजुक बताई गई है।
अमेरिका लौटने से पहले पत्रकारों से बात की
रुबियो ने फ्रांस में जी7 देशों के विदेश मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद अमेरिका लौटने से पहले पत्रकारों से बात की। इस बैठक में अमेरिका और इज़राइल द्वारा पिछले महीने के अंत में शुरू किए गए संघर्ष पर चर्चा हुई। रुबियो ने कहा, 'हम उनकी नौसेना को नष्ट कर देंगे, हम उनकी वायुसेना को नष्ट कर देंगे, और हम उनके मिसाइल लॉन्चरों को इस हद तक तबाह कर देंगे कि वे कभी भी इनका इस्तेमाल करके परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिश न कर सकें।'
ज्यादातर मामलों में हम तय समय से आगे-रूबियो
उन्होंने आगे कहा, 'हम इन सभी लक्ष्यों को हासिल कर रहे हैं; ज्यादातर मामलों में हम तय समय से आगे हैं, और हम यह सब बिना किसी जमीनी सैनिकों के भी कर सकते हैं।' रूबियो का यह बयान उन खबरों के कुछ दिन बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि इस संघर्ष के बीच अमेरिका पश्चिम एशिया में 1,000 से अधिक सैनिक तैनात करने की योजना बना रहा है। सीएनएन के अनुसार, दो सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि अमेरिकी सेना की 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के सैनिक आने वाले दिनों में तैनात किए जाएंगे।
मध्य पूर्व में तैनात होंगे अतिरिक्त यूएस सैनिक?
वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अमेरिकी रक्षा विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि वाशिंगटन तेहरान के साथ बातचीत के बीच पश्चिम एशिया में अतिरिक्त 10,000 जमीनी सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है। इसमें पैदल सेना और बख्तरबंद वाहन शामिल हो सकते हैं, जो 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के अलावा होंगे।
